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महिला पार्षद के गायब होने से गरमाई सियासत, वीडियो में जाने ससुर ने लगाया परिवार को बंधक बनाने का आरोप

महिला पार्षद के गायब होने से गरमाई सियासत, वीडियो में जाने ससुर ने लगाया परिवार को बंधक बनाने का आरोप
 
महिला पार्षद के गायब होने से गरमाई सियासत, वीडियो में जाने ससुर ने लगाया परिवार को बंधक बनाने का आरोप

 

नगर निगम पार्षद चुनाव के नतीजे आने के बाद जोधपुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस की ओर से निर्दलीय पार्षदों की बाड़ेबंदी किए जाने के बीच वार्ड नंबर 76 की महिला पार्षद निर्मला नायक के गायब होने का मामला बुधवार देर रात थाने पहुंच गया। पार्षद के ससुर लक्ष्मण नायक ने पुलिस को शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

लक्ष्मण नायक का आरोप है कि उनकी पुत्रवधु निर्मला नायक, उनके बेटे और पोती समेत परिवार के कुछ सदस्यों को बंदी बनाकर रखा गया है। उनका कहना है कि परिवार के सदस्य पिछले दो दिनों से घर नहीं लौटे हैं। महिला पार्षद के अचानक गायब होने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गईं।

कांग्रेस नेताओं ने थाने पहुंचकर दी शिकायत

मामले की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेता करण सिंह उचियारड़ा, राजेंद्र सोलंकी और पूर्व विधायक मनीषा पंवार समेत कई कांग्रेस नेता थाने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस के सामने शिकायत रखी और आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।

कांग्रेस नेताओं का कहना था कि महिला पार्षद और उनके परिवार से जुड़े मामले में पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से पार्षद और उनके परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

पुलिस ने कहा- परिवाद दर्ज कर जांच जारी

वहीं पुलिस की ओर से कहा गया कि बुधवार शाम को सोहनलाल थाने आए थे। उनकी ओर से दी गई शिकायत पर परिवाद दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के मुताबिक फिलहाल शिकायत की जांच की जा रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

निर्दलीय पार्षदों पर सभी की नजर

जोधपुर नगर निगम चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों की नजर निर्दलीय पार्षदों पर है। निगम में बोर्ड के गठन को लेकर निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी बीच दोनों दलों की ओर से अपने समर्थक पार्षदों को एकजुट रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

महिला पार्षद निर्मला नायक के गायब होने का मामला इसी राजनीतिक माहौल के बीच सामने आया है। ऐसे में घटनाक्रम ने जोधपुर की स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि महिला पार्षद और उनके परिवार के सदस्य कहां हैं और उन्हें बंधक बनाए जाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।