पंचायत चुनावों को लेकर सियासी घमासान तेज, वीडियो में देंखे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का डोटासरा पर तीखा हमला
राजस्थान के कोटा में पंचायत चुनावों को लेकर सियासत गरमा गई है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए बेहद तीखी टिप्पणी की है। दिलावर ने न सिर्फ पंचायती राज चुनावों में परिसीमन को लेकर कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया, बल्कि भर्ती घोटालों का जिक्र करते हुए डोटासरा पर गंभीर आरोप भी लगाए।
मदन दिलावर ने कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा अब जेल जाने की तैयारी कर लें। उन्होंने आरोप लगाया कि सुपरवाइजर, लैब सहायक और कृषि पर्यवेक्षक भर्ती-2018 मामले में एसओजी ने उनके गुर्गों को पकड़ लिया है और अब अगली बारी डोटासरा की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह घोटाले कांग्रेस शासन के दौरान हुए और अब कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कितने ही बड़े नेता क्यों न हों।
दरअसल, गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि बीजेपी सरकार पंचायत राज चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए वार्डों का मनमाने तरीके से परिसीमन कर रही है। डोटासरा ने कहा था कि चुनावी फायदे के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में नए वार्ड बनाए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
डोटासरा के इन आरोपों पर पलटवार करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि कांग्रेस को परिसीमन पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में जब ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों का परिसीमन किया गया था, तब बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गई थीं। दिलावर ने कहा कि जहां कांग्रेस को ज्यादा वोट मिलने की संभावना थी, वहां बहुत छोटे-छोटे वार्ड बनाए गए, ताकि कांग्रेस को चुनावी फायदा मिल सके। वहीं, जिन इलाकों में भारतीय जनता पार्टी को अधिक समर्थन मिलने की उम्मीद थी, वहां बड़े-बड़े वार्ड बनाए गए, जिससे बीजेपी को नुकसान हो।
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार पारदर्शिता और नियमों के तहत परिसीमन कर रही है। परिसीमन की प्रक्रिया जनसंख्या और प्रशासनिक सुविधा के आधार पर की जा रही है, न कि किसी राजनीतिक दल को लाभ पहुंचाने के लिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी पुरानी कार्यशैली याद आ रही है, इसलिए वह बेबुनियाद आरोप लगा रही है।
मदन दिलावर के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा मंत्री के बयान को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है, जबकि बीजेपी नेताओं का कहना है कि सच सामने आ रहा है और कांग्रेस नेता जांच से घबरा रहे हैं।
पंचायत चुनावों से पहले इस तरह के तीखे बयानों से साफ है कि आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति और अधिक गर्माने वाली है। एक ओर कांग्रेस सरकार पर चुनावी धांधली के आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी भर्ती घोटालों और कांग्रेस शासन की कथित अनियमितताओं को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। अब देखना होगा कि यह सियासी जंग चुनावी मैदान में क्या असर दिखाती है।
