राजस्थान में कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सियासी घमासान, फुटेज में जाने टीकाराम जूली ने सरकार को घेरा
राजस्थान की राजनीति में कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदेश में “जंगलराज और अराजकता” जैसे हालात होने का दावा किया है।टीकाराम जूली ने कहा कि राजस्थान में हालात ऐसे बन चुके हैं कि सत्तारूढ़ दल के विधायक तक सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने अलवर में बिजली विभाग से जुड़े एक संविदाकर्मी की मौत के मामले को उठाते हुए इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अलवर में बिजली मेंटेनेंस का कार्य एक कंपनी के पास होने के बावजूद काम किसी दूसरी कंपनी से कराया जा रहा है। इस पूरे मामले में जिम्मेदारी से बचने के लिए दोनों कंपनियां मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रही हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।जूली ने आगे कहा कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है और इस तरह की घटनाएं व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन कथित घोटालों में कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगी या नहीं।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और कहा है कि जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित कंपनियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।वहीं सरकार की ओर से अभी इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता का उदाहरण बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला राजस्थान की राजनीति में एक नया विवाद बनकर सामने आया है और आने वाले दिनों में इसके और तूल पकड़ने की संभावना है।
