ईंधन और एलपीजी सप्लाई पर सियासी बयानबाज़ी तेज: गहलोत ने उठाए सवाल, जोधपुर में कमी का दावा
राजस्थान में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी आपूर्ति को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए ईंधन और गैस आपूर्ति की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार भले ही यह दावा कर रही है कि पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग दिखाई दे रही है। उनके अनुसार जोधपुर में उपभोक्ताओं को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल और डीजल दिया जा रहा है, और कई जगहों पर 1000 रुपये से अधिक का ईंधन नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति भी प्रभावित है और कई दिनों तक उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की स्थिति में सरकार को जनता को गुमराह करने के बजाय वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लोग सही जानकारी के आधार पर अपनी जरूरतों की योजना बना सकें।
इस मुद्दे पर फिलहाल राज्य सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा की बात कही जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में ईंधन या एलपीजी की सप्लाई प्रभावित होती है, तो इसका सीधा असर आम जनता और छोटे व्यापारियों पर पड़ता है, इसलिए आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखना बेहद जरूरी है।
फिलहाल, इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक बहस और तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।
