जयपुर में ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0’ की दूसरे दिन ही खुली पोल: वीडियो में जाने चारदीवारी में फिर लगे कचरे के ढेर, स्कूल-मंदिरों के बाहर फैली गंदगी
दीपावली पर जयपुर के चारदीवारी इलाके को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर निगम की ओर से शुरू किया गया स्वच्छता अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0’ दूसरे दिन ही सवालों के घेरे में आ गया। शनिवार रात से रविवार तड़के तक मेयर, डिप्टी मेयर, नगर निगम कमिश्नर और सैकड़ों कर्मचारियों ने अभियान के तहत सफाई की। लेकिन सोमवार को दिन में कई जगह फिर से कचरे के ढेर नजर आए।
चारदीवारी क्षेत्र के कई ओपन कचरा डिपो पर कचरा जमा मिला। स्कूलों और मंदिरों के बाहर भी गंदगी दिखाई दी। इससे अभियान की निरंतरता और नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। जिन इलाकों को साफ रखने का दावा किया गया था, वहां दोबारा कचरा जमा होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रातभर सफाई के बाद फिर लगे कचरे के ढेर
ऑपरेशन क्लीन स्वीप 2.0 के तहत शनिवार रात से रविवार सुबह तक विशेष सफाई अभियान चलाया गया था। इसमें मेयर सुनील कोठारी, डिप्टी मेयर, नगर निगम कमिश्नर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए थे। अभियान का उद्देश्य दीपावली के दौरान चारदीवारी के बाजारों और प्रमुख रास्तों को साफ रखना था।हालांकि, सोमवार को अभियान के दावों की जमीनी हकीकत अलग नजर आई। कई स्थानों पर ओपन डिपो कचरे से भरे हुए थे। स्कूलों और मंदिरों के बाहर भी कचरा जमा था। इससे गुजरने वाले लोगों को गंदगी और बदबू के कारण परेशानी हुई।
दोपहर 12 बजे तक नहीं उठा कचरा
स्थानीय स्तर पर सामने आई स्थिति के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 12 बजे तक कई कचरा डिपो से कचरा नहीं उठाया गया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब दीपावली जैसे बड़े त्योहार को देखते हुए विशेष अभियान चलाया गया, तो उसके बाद नियमित सफाई की व्यवस्था क्यों नहीं दिखाई दी।कचरा डिपो में लगातार कचरा जमा होने से यह भी सवाल खड़ा हो रहा है कि वहां से कचरा उठाने की निगरानी किस तरह की जा रही है। इसके अलावा खुले डिपो में कचरा फेंकने से रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई है, इस पर भी स्पष्टता नहीं है।
क्या एक रात तक ही सीमित रहा सफाई अभियान?
अभियान के दूसरे दिन ही कई जगह गंदगी दिखाई देने से इसकी निरंतरता पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी है कि क्या सफाई अभियान केवल एक रात तक सीमित था या दीपावली तक चारदीवारी को साफ रखने के लिए कोई नियमित योजना भी बनाई गई है।मेयर सुनील कोठारी के नेतृत्व में शुरू किए गए इस अभियान का मकसद त्योहार के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों और रास्तों को स्वच्छ रखना था। लेकिन दोबारा कचरा जमा होने से अभियान के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं।दीपावली के दौरान चारदीवारी में खरीदारी और घूमने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में नियमित कचरा उठाने और ओपन डिपो की निगरानी की व्यवस्था जरूरी है। अब देखना होगा कि नगर निगम सफाई व्यवस्था को लगातार बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।
