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कोटपूतली-बहरोड़ में पीएनजी योजना कागजों तक सीमित, उपभोक्ता अब भी एलपीजी पर निर्भर

कोटपूतली-बहरोड़ में पीएनजी योजना कागजों तक सीमित, उपभोक्ता अब भी एलपीजी पर निर्भर
 
कोटपूतली-बहरोड़ में पीएनजी योजना कागजों तक सीमित, उपभोक्ता अब भी एलपीजी पर निर्भर

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में राज्य सरकार की पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) को बढ़ावा देने की योजना फिलहाल धरातल पर उतरती नजर नहीं आ रही है। पाइपलाइन नेटवर्क के अभाव में अधिकांश उपभोक्ताओं को अब भी एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे आमजन से लेकर उद्योग तक प्रभावित हो रहे हैं।

🔌 पाइपलाइन नेटवर्क का अभाव

जानकारी के अनुसार, जिले में पीएनजी आपूर्ति के लिए जरूरी पाइपलाइन नेटवर्क का विकास अभी तक नहीं हो सका है। इसके कारण घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

🔥 एलपीजी पर बढ़ती निर्भरता

एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता बनी रहने से उपभोक्ताओं को न केवल अधिक खर्च उठाना पड़ रहा है, बल्कि समय-समय पर गैस उपलब्धता की समस्या भी झेलनी पड़ती है। उद्योगों को भी उत्पादन लागत बढ़ने का सामना करना पड़ रहा है।

🏭 उद्योगों पर असर

औद्योगिक इकाइयों का कहना है कि पीएनजी सुविधा मिलने से ईंधन लागत कम होती और उत्पादन में स्थिरता आती, लेकिन वर्तमान स्थिति में उन्हें वैकल्पिक महंगे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

⚠️ योजना पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि सरकार द्वारा घोषित योजनाएं यदि समय पर लागू नहीं होतीं, तो उनका लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पाता। पीएनजी योजना का भी यही हाल नजर आ रहा है।

📌 प्रशासन से मांग

उपभोक्ताओं ने मांग की है कि जल्द से जल्द पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया जाए, ताकि पीएनजी सुविधा का लाभ जिले के लोगों और उद्योगों को मिल सके।