'पार्टियां आएंगी-जाएंगी, इनके चक्कर में मत पड़िए', वीडियो में देंखे बाड़मेर में बोले पूर्व CM शंकर सिंह वाघेला
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री Shankersinh Vaghela ने राजनीतिक दलों और वर्तमान राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां आती-जाती रहती हैं, इसलिए लोगों को दलों के मोह में नहीं पड़ना चाहिए। उनका कहना था कि समाज और देश के हित को प्राथमिकता देना अधिक जरूरी है।रविवार को बाड़मेर शहर स्थित मल्लिनाथ छात्रावास में आयोजित सम्राट Prithviraj Chauhan की 860वीं जयंती समारोह में शामिल हुए वाघेला ने अपने संबोधन में राजनीति, समाज और धर्म से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर विचार रखे।
'पार्टियों के चक्कर में मत पड़िए'
अपने संबोधन में शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि राजनीतिक दल स्थायी नहीं होते। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, "पार्टियां आएंगी और जाएंगी, मेहरबानी करके पार्टियों के चक्कर में मत पड़िए। हमें यह समझना चाहिए कि हम कौन हैं और समाज के लिए क्या कर सकते हैं।"उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल से ऊपर जनता और समाज का हित होना चाहिए।
धर्म को लेकर भी दी सलाह
वाघेला ने धर्म के विषय पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि धर्म का उपयोग समझदारी के साथ किया जाना चाहिए और इसे व्यक्तिगत आत्मिक विकास तथा समाज में सद्भाव बनाए रखने के लिए अपनाना चाहिए।उन्होंने कहा कि इतिहास को केवल धार्मिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों में समझने की आवश्यकता है।
बीजेपी और कांग्रेस पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में भारतीय राजनीति की दो प्रमुख पार्टियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्होंने दोनों दलों को करीब से देखा और समझा है।वाघेला ने कहा कि राजनीति में आने वाले कई लोग व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता देते हैं, जबकि जनता की अपेक्षा जनसेवा की होती है। उनके अनुसार, जब राजनीति का उद्देश्य केवल निजी लाभ बन जाता है, तब आम लोगों का अपेक्षित विकास नहीं हो पाता।
'जनता के हित को प्राथमिकता मिले'
उन्होंने कहा कि राजनीति का मूल उद्देश्य जनता की भलाई होना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति केवल अपने हित के लिए राजनीति में प्रवेश करता है, तो उससे समाज और जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।वाघेला ने जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
पृथ्वीराज चौहान जयंती समारोह में जुटे लोग
बाड़मेर में आयोजित सम्राट पृथ्वीराज चौहान की 860वीं जयंती समारोह में बड़ी संख्या में समाज के लोग और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पृथ्वीराज चौहान के जीवन, वीरता और ऐतिहासिक योगदान पर भी प्रकाश डाला।पूर्व मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद उनके बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गए हैं। उनके वक्तव्य को राजनीति में जनहित और वैचारिक मूल्यों की आवश्यकता पर जोर देने वाले संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
