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राजस्थान के सरकारी स्कूल मरम्मत बजट घोटाले का पार्ट-2, जिम्मेदारों की लापरवाही से कैसे हुआ करोड़ों का फर्जीवाड़ा

राजस्थान के सरकारी स्कूल मरम्मत बजट घोटाले का पार्ट-2, जिम्मेदारों की लापरवाही से कैसे हुआ करोड़ों का फर्जीवाड़ा
 
राजस्थान के सरकारी स्कूल मरम्मत बजट घोटाले का पार्ट-2, जिम्मेदारों की लापरवाही से कैसे हुआ करोड़ों का फर्जीवाड़ा

राजस्थान के 20 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग मरम्मत के लिए जारी 503 करोड़ रुपये के बजट में हुए कथित फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अब जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।मामले की जांच में सामने आया है कि कई स्तरों पर निगरानी और सत्यापन की प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई, जिसके चलते सरकारी धन के दुरुपयोग की स्थिति बनी।

बिना सही जांच के जारी हुए काम

आरोप है कि स्कूल भवनों की मरम्मत से जुड़े कामों को मंजूरी देने से पहले मौके पर स्थिति की पर्याप्त जांच नहीं की गई। कई मामलों में कागजों में काम दिखाकर भुगतान किए जाने की आशंका जताई गई है।इससे सरकारी योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।

निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

स्कूल भवनों की मरम्मत के काम की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी की जिम्मेदारी अधिकारियों की थी। लेकिन समय पर निरीक्षण और सत्यापन नहीं होने के कारण गड़बड़ियों को बढ़ावा मिला।जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते कई स्तरों पर खामियां सामने आईं।

रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत में अंतर

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि दस्तावेजों में दर्ज काम और मौके पर हुए कार्यों में कितना अंतर है। कई जगहों पर निर्माण और मरम्मत कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच की जा रही है।

अब कार्रवाई की तैयारी

मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। सरकारी स्कूलों की मरम्मत के लिए जारी बड़ी राशि में हुई अनियमितताओं पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है।