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पैरा तीरंदाज श्यामसुंदर स्वामी ने दो बार पैरालंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व, खेल उपलब्धियों पर मिली थी सरकारी नौकरी

पैरा तीरंदाज श्यामसुंदर स्वामी ने दो बार पैरालंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व, खेल उपलब्धियों पर मिली थी सरकारी नौकरी
 
पैरा तीरंदाज श्यामसुंदर स्वामी ने दो बार पैरालंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व, खेल उपलब्धियों पर मिली थी सरकारी नौकरी

राजस्थान के अंतरराष्ट्रीय पैरा तीरंदाज और वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक विजेता श्यामसुंदर स्वामी ने अपनी खेल प्रतिभा से देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने दो बार पैरालंपिक सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने आउट ऑफ टर्न पॉलिसी के तहत उन्हें शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति दी थी।

श्यामसुंदर स्वामी की उपलब्धियां राजस्थान के खेल इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर उन्होंने यह साबित किया कि शारीरिक चुनौतियां किसी खिलाड़ी के लक्ष्य और हौसले के सामने बाधा नहीं बन सकतीं। तीरंदाजी के क्षेत्र में उनकी मेहनत और उपलब्धियों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

दो बार पैरालंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व

श्यामसुंदर स्वामी ने दो बार पैरालंपिक खेलों में भारत की ओर से हिस्सा लिया। पैरालंपिक दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में शामिल है, जहां विभिन्न देशों के सर्वश्रेष्ठ पैरा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।

इसके अलावा उन्होंने कई अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया और देश के लिए पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतना उनकी प्रमुख खेल उपलब्धियों में शामिल है।

खेल उपलब्धियों के आधार पर मिली सरकारी नौकरी

श्यामसुंदर स्वामी की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों को देखते हुए पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने उन्हें आउट ऑफ टर्न पॉलिसी के तहत सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया था। इस नीति के अंतर्गत उन्हें शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति मिली।

इस नियुक्ति का उद्देश्य खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान देने के साथ उनके भविष्य को सुरक्षित करना था। सरकारी नौकरी मिलने से उन्हें खेल के साथ रोजगार का अवसर भी मिला।

युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं श्यामसुंदर

श्यामसुंदर स्वामी की यात्रा उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए लगातार मेहनत की और देश को गौरवान्वित किया।

उनकी उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि मजबूत इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है। पैरा खेलों में उनकी सफलता राजस्थान के उभरते खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है।

श्यामसुंदर स्वामी की खेल उपलब्धियों और सरकारी नियुक्ति का मामला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने वाली नीतियों के महत्व को भी रेखांकित करता है।