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जयपुर में लेपर्ड की दस्तक से दहशत: जगतपुरा की पॉम कोर्ट कॉलोनी में रात 2:30 बजे घूमता दिखा, CCTV में कैद

 
जयपुर में लेपर्ड की दस्तक से दहशत: जगतपुरा की पॉम कोर्ट कॉलोनी में रात 2:30 बजे घूमता दिखा, CCTV में कैद

राजधानी जयपुर में एक बार फिर लेपर्ड की मौजूदगी ने लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। जगतपुरा इलाके की पॉम कोर्ट कॉलोनी में शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे एक लेपर्ड को घूमते हुए देखा गया। यह पूरी घटना कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसका वीडियो रविवार को सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

वीडियो सामने आते ही कॉलोनी के निवासियों में डर का माहौल फैल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि देर रात अचानक लेपर्ड की हलचल देखी गई, जिसके बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। कई परिवारों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए रात के समय बाहर जाना पूरी तरह बंद कर दिया है।

सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर लेपर्ड को कॉलोनी के अंदर आराम से घूमते हुए देखा जा सकता है। कुछ सेकंड तक वह सड़कों पर घूमता रहा और फिर अंधेरे की ओर चला गया। इस दृश्य ने इलाके के लोगों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में जंगली जानवरों की मौजूदगी दर्ज की गई हो।

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। विभाग ने कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही ट्रैप कैमरे और अन्य तकनीकी उपकरणों की मदद से लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह संभव है कि लेपर्ड जंगल से भटककर रिहायशी इलाके में आ गया हो। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय अकेले बाहर न निकलें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दें।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे लोग लगातार असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल वन विभाग की टीमें लगातार इलाके में गश्त कर रही हैं और लेपर्ड को सुरक्षित तरीके से पकड़ने या उसे जंगल की ओर वापस भेजने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।

इस घटना ने एक बार फिर शहरी इलाकों में वन्यजीवों की बढ़ती मौजूदगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।