चरागाह भूमि पर जीएसएस निर्माण का विरोध, 14 गांवों की पंचायत ने दिया 10 दिन का अल्टीमेटम
चरागाह भूमि पर प्रस्तावित जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) निर्माण को लेकर ग्रामीणों में विरोध बढ़ता जा रहा है। मामले को लेकर 14 गांवों के ग्रामीणों ने पंचायत आयोजित कर निर्माण कार्य का विरोध जताया और प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर जीएसएस बनाया जा रहा है, वह गांवों के पशुओं के लिए चरागाह के रूप में उपयोग होती रही है। ऐसे में वहां निर्माण होने से ग्रामीणों और पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पंचायत में ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
रविवार को आयोजित पंचायत में आसपास के 14 गांवों के लोग शामिल हुए। पंचायत में ग्रामीणों ने एक स्वर में चरागाह भूमि को बचाने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि यह जमीन गांव के सार्वजनिक उपयोग की है और इसे किसी अन्य कार्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जीएसएस निर्माण के लिए किसी वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए, ताकि गांव के लोगों की समस्या का समाधान हो सके।
10 दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
पंचायत में ग्रामीणों ने प्रशासन को 10 दिन का समय देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में उनकी मांग पर विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।ग्रामीणों ने कहा कि चरागाह भूमि गांव की महत्वपूर्ण संपत्ति है, जिसे किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने दिया जाएगा।
प्रशासन के फैसले पर टिकी नजर
मामले को लेकर अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। वहीं, जीएसएस निर्माण से जुड़े अधिकारियों की ओर से अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।ग्रामीणों और प्रशासन के बीच इस मुद्दे को लेकर बातचीत की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
