भर्ती रद्द होने से टूटा सपनों का महल! SI बनने का सपना देख रहे युवाओं ने कहा - 'अब बन गया धोबी का कुत्ता'
सब इंस्पेक्टर भर्ती 2021 को हाईकोर्ट द्वारा रद्द करने के फैसले के बाद चयनित युवाओं में रोष है। राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में सब इंस्पेक्टर भर्ती 2021 के लिए चयनित युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और डबल बेंच में अपना पक्ष रखकर सरकार से भर्ती बहाल करने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को उदयपुर में बड़ी संख्या में सब इंस्पेक्टर के लिए चयनित अभ्यर्थियों और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों से तीखी बहस भी हुई। विरोध प्रदर्शन में कई ऐसे अभ्यर्थी भी शामिल थे, जिन्होंने पहले से मिली सरकारी नौकरी छोड़कर 2021 की सब इंस्पेक्टर भर्ती में चयन प्राप्त किया था।
'पेपर लीक के लिए कुछ लोग ज़िम्मेदार'
हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती रद्द करना मेहनती और ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। पेपर लीक और नकल जैसे मामलों के लिए कुछ लोग ज़िम्मेदार हैं, लेकिन इसका खामियाजा दूसरे छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और उन छात्रों को मौका देना चाहिए जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा दी थी।
लेक्चरर की नौकरी छोड़कर बने एसआई
2021 की एसआई भर्ती में चयनित एक अभ्यर्थी ने बात करते हुए बताया कि हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने एसआई भर्ती रद्द कर दी है, हमारी मांग है कि सरकार डबल बेंच में हमारा पक्ष रखे। उन्होंने बताया कि मैं 2015 से तैयारी कर रहा हूँ, आज 2025 है। मैंने 10 साल तैयारी की है, इस दौरान मैंने दो आरएएस मेन्स दिए। 2022 की लेक्चरर भर्ती में मेरा चयन भूगोल के लेक्चरर पद पर हुआ है। मैंने उसे छोड़ दिया क्योंकि मेरा एसआई में पहले ही चयन हो चुका था। लेक्चरर की जॉइनिंग बाद में थी और एसआई की पहले, इसलिए मैंने एसआई की जॉइनिंग ले ली। एसआई की वजह से मैंने पहली कक्षा छोड़ दी। अब न इधर का रहा न उधर का। मेरी दोनों नौकरियाँ चली गईं। आज मेरे पास कुछ भी नहीं है। उन्होंने मेरी हालत धोबी के कुत्ते जैसी कर दी है। सरकार से मेरी अपील है कि डबल बेंच में हमारा पक्ष रखें।
'मेरे माथे पर फर्जी होने का कलंक लगा दिया गया है'
एक अन्य महिला अभ्यर्थी का कहना है कि सरकार ने एसओजी प्रमुख को खुली छूट दे रखी है। जाँच करने से किसने मना किया है? जाँच करना आपकी ज़िम्मेदारी है, लेकिन सही तरीके से। मैं 2019 (उम्र 18) से तैयारी कर रही हूँ। मैंने अपने माता-पिता से लड़ाई लड़ी कि मुझे अपने पैरों पर खड़ा होना है। मुझे अपनी पहचान चाहिए। आज मेरी पहचान मुझसे छीन ली गई और मेरे माथे पर फर्जी होने का कलंक लगा दिया गया। अगर मैं कहीं जाऊँगी, तो लोग क्या कहेंगे कि वह फर्जी आई है।
400 लोगों के फर्जी होने की धारणा
एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में 2142वीं रैंक पाने वाली एक एससी वर्ग की अभ्यर्थी ने कहा कि यह आम धारणा बन गई है कि 400 लोग फर्जी हैं। बल्कि सच्चाई यह है कि अब तक जाँच एजेंसी कुल 55 लोगों को गिरफ्तार और बर्खास्त कर पाई है। अब तक की कार्रवाई। वो तो ठीक है, लेकिन मीडिया में बनाई गई 400-500 की पब्लिक परसेप्शन गलत है और उनके पास इसके तथ्य भी नहीं हैं।
केंद्र की नौकरी छोड़कर सब-इंस्पेक्टर बने
अभ्यर्थी ने बताया कि एसआई की नौकरी ज्वाइन करने से पहले मैं केंद्र सरकार में सब-इंस्पेक्टर प्लाटून कमांडर के पद पर था। मैंने 2021 में परीक्षा दी और अक्टूबर 2023 में ज्वाइनिंग मिली। हमें डेढ़ साल की ट्रेनिंग दी गई, जो ट्रेनिंग मैंने सेना में की थी, वही ट्रेनिंग यहाँ भी दी गई और आज एक साल सात महीने हो गए हैं। उसके बाद हाईकोर्ट का कहना है कि आपकी भर्ती रद्द कर दी गई है। मेरी मांग है कि हम गलत नहीं हैं, हम निर्दोष हैं। हम डिविजनल बेंच में जाकर अपील करेंगे कि हमारी भर्ती बहाल की जाए, हमें हमारा हक वापस दिया जाए।
