दौसा से जयपुर तक डीजे के साथ पदयात्रा, संविदा कर्मचारियों ने उठाई मांगें
राजस्थान के दौसा जिले से संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए अनोखा और अनूठा तरीका अपनाया है। नर्सिंग और विभिन्न सरकारी पदों पर संविदा पर कार्यरत ये कर्मचारी डीजे के साथ जयपुर के लिए पदयात्रा पर निकल पड़े हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार ध्यान नहीं दे रही है, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया है। पदयात्रा के दौरान वे डीजे बजाते हुए और नारे लगाते हुए अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
इन कर्मचारियों का कहना है कि वे जयपुर पहुंचकर किरोड़ी लाल मीणा से मुलाकात करेंगे और अपनी समस्याओं व मांगों को उनके सामने रखेंगे। उन्होंने मंत्री को ‘उम्मीद बाबा’ बताते हुए विश्वास जताया कि वह उनकी मांगों पर ध्यान देंगे और समाधान निकालने में मदद करेंगे।
पदयात्रा में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि वे समान कार्य के लिए समान वेतन, नौकरी की स्थिरता और अन्य सेवा संबंधी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। उनका दावा है कि वर्षों से वे संविदा पर कार्य करते हुए भी उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है और सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गया है। राह चलते लोगों ने भी कर्मचारियों के इस प्रयास को देखा और उनकी मांगों को समर्थन देने की बात कही।
कुल मिलाकर, दौसा से जयपुर तक की यह पदयात्रा संविदा कर्मचारियों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का एक अनोखा तरीका बनकर सामने आई है, जिससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर चर्चा और तेज होने की संभावना है।
