जयपुर में बैठकर अमेरिकी नागरिकों से ऑनलाइन फ्रॉड, आईफोन की तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर ठगी; 2 युवतियों सहित 10 गिरफ्तार
जयपुर में अमेरिकी नागरिकों को आईफोन की तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर ठगने वाले कथित साइबर गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। भांकरोटा इलाके में चल रहे एक फर्जी टेक्निकल सपोर्ट कॉल सेंटर पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो युवतियों सहित 10 लोगों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी तकनीकी सहायता देने का झांसा देकर अमेरिकी नागरिकों से पैसे वसूलते थे और उनकी बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश करते थे।
भांकरोटा में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
पुलिस के अनुसार, यह कॉल सेंटर जयपुर के भांकरोटा इलाके में संचालित हो रहा था। यहां से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया जाता था। आरोपी आईफोन में तकनीकी दिक्कत आने का हवाला देकर लोगों से संपर्क करते और समस्या का समाधान करने के नाम पर शुल्क लेते थे।
स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी अमेरिकी नागरिकों से संपर्क करने के लिए एक्स-लाइट (X-Lite) सॉफ्टवेयर और टोल-फ्री नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी की गई।
बैंक अधिकारी बनकर हासिल करते थे गोपनीय जानकारी
जांच में सामने आया कि गिरोह में शामिल एक युवती कथित तौर पर बैंक अधिकारी बनकर लोगों से बातचीत करती थी। वह पीड़ितों का भरोसा जीतकर उनके बैंक खातों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश करती थी।
पुलिस के अनुसार, प्राप्त जानकारी को टेलीग्राम ग्रुप के जरिए साझा किया जाता था। आरोप है कि इस जानकारी का इस्तेमाल पीड़ितों के बैंक खातों से रकम निकालने के लिए किया जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
19 मोबाइल और 12 लैपटॉप जब्त
पुलिस ने कॉल सेंटर पर दबिश के दौरान 19 मोबाइल फोन और 12 लैपटॉप सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कितने अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया गया और कथित ठगी की रकम कितनी है।
कार्रवाई के दौरान आठ युवकों और दो युवतियों को पकड़ा गया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है, ताकि गिरोह के कथित मुख्य संचालकों, अन्य सहयोगियों और पैसों के लेन-देन से जुड़ी जानकारी सामने आ सके।
करोड़ों की ठगी की आशंका, जांच जारी
पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से अमेरिकी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर निशाना बना रहा था। फिलहाल कथित ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल और लैपटॉप से डिजिटल साक्ष्य जुटाने, पैसों के लेन-देन का पता लगाने और इस नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों की पहचान करने में जुटी है।
साइबर सुरक्षा सलाह: आईफोन या किसी अन्य डिवाइस में तकनीकी समस्या आने पर अनजान कॉलर को बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी न दें। तकनीकी सहायता के लिए कंपनी के आधिकारिक सहायता माध्यमों का ही इस्तेमाल करें।
