भामाशाह मंडी में एक लाख कट्टों की आवक, गेहूं-चना मंदा तो सरसों-सोयाबीन में तेजी
राजस्थान की प्रमुख कृषि मंडियों में शामिल Bhamashah Mandi में गुरुवार को कृषि जिन्सों की अच्छी आवक दर्ज की गई। मंडी में दिनभर के कारोबार के दौरान विभिन्न फसलों की कुल आवक लगभग 1 लाख कट्टों के आसपास रही। आवक बढ़ने के साथ ही कुछ प्रमुख जिन्सों के भाव में गिरावट दर्ज की गई, जबकि कुछ फसलों में हल्की तेजी भी देखने को मिली।
मंडी व्यापारियों के अनुसार गेहूं, धान और चने के भाव में मंदी का रुख रहा। गुरुवार को गेहूं के भाव में लगभग 50 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह चना भी करीब 50 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा, जबकि धान के भाव में लगभग 250 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट देखने को मिली। व्यापारियों का कहना है कि आवक बढ़ने और बाजार में मांग सामान्य रहने के कारण इन फसलों के भाव में नरमी बनी हुई है।
वहीं दूसरी ओर तिलहनी फसलों में हल्की तेजी का माहौल देखने को मिला। सरसों के भाव में करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़त दर्ज की गई, जबकि सोयाबीन के दाम भी लगभग 50 रुपये प्रति क्विंटल तक तेज रहे। व्यापारियों का मानना है कि बाजार में मांग बढ़ने और स्टॉक की सीमित उपलब्धता के कारण इन फसलों के भाव में तेजी बनी हुई है।
मंडी में लहसुन की आवक भी अच्छी रही। गुरुवार को लहसुन की कुल आवक लगभग 3500 कट्टों के आसपास दर्ज की गई। नए लहसुन के भाव 3300 रुपये से लेकर 7500 रुपये प्रति क्विंटल तक रहे। गुणवत्ता के अनुसार लहसुन के भाव में अंतर देखने को मिला, जिसमें अच्छी क्वालिटी का लहसुन ऊंचे दामों पर बिका।
मंडी से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति और आवक के आधार पर आने वाले दिनों में भावों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल मंडी में किसानों की अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं।
किसानों का कहना है कि यदि बाजार में मांग मजबूत बनी रहती है तो आने वाले दिनों में कुछ फसलों के भाव में सुधार की संभावना भी है। वहीं व्यापारी भी बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
इस प्रकार भामाशाह मंडी में गुरुवार को एक ओर जहां कृषि जिन्सों की अच्छी आवक रही, वहीं विभिन्न फसलों के भाव में तेजी और मंदी का मिला-जुला रुख देखने को मिला। मंडी में व्यापार सामान्य रूप से जारी रहा और किसानों ने अपनी उपज की बिक्री की।
