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विश्व कैंसर दिवस पर जिला चिकित्सालय में चिकित्सक परिचर्चा, विशेषज्ञों ने बताए कैंसर से बचाव के उपाय

विश्व कैंसर दिवस पर जिला चिकित्सालय में चिकित्सक परिचर्चा, विशेषज्ञों ने बताए कैंसर से बचाव के उपाय
 
विश्व कैंसर दिवस पर जिला चिकित्सालय में चिकित्सक परिचर्चा, विशेषज्ञों ने बताए कैंसर से बचाव के उपाय

विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर बुधवार को जिला चिकित्सालय स्थित कैंसर डे-केयर यूनिट में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजस्थान पत्रिका के सामाजिक सरोकार कार्यक्रम के तहत श्रद्धेय कर्पूर चंद्र कुलिशजी जयंती शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस चिकित्सक परिचर्चा में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर जांच की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कैंसर के लक्षणों, कारणों और बचाव की एहतियातों पर विस्तार से जानकारी साझा की।

परिचर्चा में बड़ी संख्या में चिकित्साकर्मी, मरीज, उनके परिजन और आमजन मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत कैंसर जागरूकता संदेश के साथ हुई, जिसमें लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से समय रहते सावधानी और सही जानकारी के जरिए काफी हद तक बचाव संभव है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि कैंसर के शुरुआती लक्षणों को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर अवस्था में पहुंच जाती है। लगातार खांसी, असामान्य गांठ, अचानक वजन घटना, मुंह में न भरने वाले घाव, अत्यधिक थकान या असामान्य रक्तस्राव जैसे संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।

चिकित्सकों ने कैंसर के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि तंबाकू और धूम्रपान इसका सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा शराब का सेवन, असंतुलित खानपान, मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी और प्रदूषण भी जोखिम बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि जीवनशैली में सुधार लाकर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

परिचर्चा के दौरान महिलाओं में स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर की समय पर जांच की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि नियमित स्क्रीनिंग, मैमोग्राफी और टीकाकरण से इन बीमारियों की रोकथाम संभव है। साथ ही पुरुषों को भी प्रोस्टेट और फेफड़ों के कैंसर की जांच को लेकर सजग रहने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने चिकित्सकों से सीधे सवाल पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान किया। विशेषज्ञों ने सरल भाषा में जवाब देते हुए मरीजों और परिजनों का मार्गदर्शन किया। इस संवादात्मक सत्र से लोगों में कैंसर को लेकर जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ा।

अंत में आयोजकों ने कहा कि समाज में कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाना समय की आवश्यकता है। नियमित जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और नशामु जीवनशैली अपनाकर इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सही जानकारी पहुंच सके। विश्व कैंसर दिवस पर आयोजित यह पहल न केवल स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करने का संदेश भी दे गई।