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77वां गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर दिखे 8 ऐतिहासिक बदलाव, वीडियो में देखें परेड में नारी शक्ति और सैन्य सामर्थ्य का अद्भुत संगम

77वां गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर दिखे 8 ऐतिहासिक बदलाव, वीडियो में देखें परेड में नारी शक्ति और सैन्य सामर्थ्य का अद्भुत संगम
 
77वां गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर दिखे 8 ऐतिहासिक बदलाव, वीडियो में देखें परेड में नारी शक्ति और सैन्य सामर्थ्य का अद्भुत संगम

भारत ने 26 जनवरी को पूरे गौरव और उत्साह के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य गणतंत्र दिवस परेड इस बार कई मायनों में खास रही। समारोह में न सिर्फ भारत की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिली, बल्कि ऐसे कई ऐतिहासिक बदलाव भी नजर आए, जो देश के इतिहास में पहली बार हुए।

इस वर्ष की परेड में नारी शक्ति का सशक्त प्रदर्शन देखने को मिला। पहली बार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व एक महिला अधिकारी ने किया। यह दृश्य न केवल महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, बल्कि सुरक्षा बलों में लैंगिक समानता की दिशा में एक मजबूत संदेश भी देता है। दर्शकों ने इस ऐतिहासिक पल का तालियों के साथ स्वागत किया।

गणतंत्र दिवस परेड में इस बार एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी भी खास आकर्षण का केंद्र रही। लंबे समय बाद परेड में पशु दस्ते की मौजूदगी ने परंपरा और अनुशासन की झलक पेश की। इसके साथ ही सेना ने युद्ध मॉडल का लाइव प्रदर्शन कर अपनी आधुनिक रणनीति और युद्ध कौशल को आम जनता के सामने प्रस्तुत किया। यह प्रदर्शन सेना की तत्परता और तकनीकी दक्षता को दर्शाने वाला रहा।

भारतीय वायुसेना (IAF) का एयर शो हमेशा की तरह इस बार भी परेड का सबसे रोमांचक हिस्सा बना। वायुसेना के दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट ने आसमान में शानदार ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ बनाया। यह फॉर्मेशन न केवल तकनीकी दृष्टि से उत्कृष्ट था, बल्कि इसके पीछे गहरी भावनात्मक और सांस्कृतिक सोच भी जुड़ी हुई थी।

सिंदूर फॉर्मेशन को इस तरह डिजाइन किया गया था कि वह आसमान में तिलक की आकृति जैसा नजर आए। वायुसेना अधिकारियों के अनुसार, यह डिजाइन केवल एयरोडायनामिक्स के आधार पर नहीं, बल्कि भावना, परंपरा और संदेश को ध्यान में रखकर तैयार किया गया। सिंदूर भारतीय संस्कृति में सम्मान, शौर्य और समर्पण का प्रतीक माना जाता है, और यह फॉर्मेशन उसी भावना को दर्शाता है।

कर्तव्य पथ पर मौजूद हजारों दर्शकों के साथ-साथ देश-विदेश में टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए करोड़ों लोगों ने इस ऐतिहासिक परेड को देखा। हर गुजरते पल के साथ भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और बदलते स्वरूप की तस्वीर और स्पष्ट होती गई।

 77वां गणतंत्र दिवस समारोह केवल एक परंपरागत आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह आधुनिक भारत, उसकी समावेशी सोच, नारी सशक्तिकरण और मजबूत रक्षा क्षमता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। कर्तव्य पथ पर दिखे ये नए बदलाव आने वाले भारत की दिशा और दृष्टि को दर्शाते हैं।