अब AI बताएगा बिजली चोरी और फॉल्ट का पता, जयपुर डिस्कॉम ने तैयार किया डिजिटल ट्विन; स्क्रीन पर दिखेगा पूरे बिजली नेटवर्क का डिजिटल क्लोन
राजस्थान में बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक और स्मार्ट बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जयपुर डिस्कॉम ने बिजली नेटवर्क को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डिजिटल ट्विन तैयार किया है। इस तकनीक के जरिए बिजली वितरण से जुड़े नेटवर्क की निगरानी, मैपिंग और संचालन पहले से अधिक आसान और प्रभावी हो सकेगा। खास बात यह है कि अब बिजली चोरी और नेटवर्क में होने वाले फॉल्ट का पता लगाने में भी AI की मदद ली जा सकेगी।
डिजिटल ट्विन तकनीक के माध्यम से बिजली वितरण नेटवर्क का एक डिजिटल प्रतिरूप तैयार किया गया है। इसमें ट्रांसफॉर्मर, बिजली के पोल, केबल और अन्य उपकरणों का डिजिटल क्लोन कंप्यूटर स्क्रीन पर लाइव नजर आएगा। यानी बिजली विभाग के अधिकारी वास्तविक बिजली नेटवर्क की स्थिति को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे और उसके संचालन से जुड़ी जानकारियां हासिल कर सकेंगे।
कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखेगा पूरा बिजली नेटवर्क
जयपुर डिस्कॉम की ओर से तैयार किए गए डिजिटल ट्विन में बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े उपकरणों की डिजिटल मैपिंग की गई है। इसके तहत ट्रांसफॉर्मर कहां लगे हैं, बिजली के पोल किस स्थान पर हैं और केबल का नेटवर्क किस तरह फैला हुआ है, इसकी जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी।
इस तकनीक का उद्देश्य बिजली नेटवर्क की वास्तविक स्थिति को कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित करना है। इससे अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में फैले बिजली ढांचे को समझने और उसकी निगरानी करने में सुविधा मिलेगी।
AI से पकड़ी जा सकेगी बिजली चोरी
बिजली वितरण व्यवस्था में बिजली चोरी और तकनीकी खराबी बड़ी चुनौतियां हैं। डिजिटल ट्विन और AI तकनीक की मदद से इन समस्याओं की पहचान करने में सहायता मिलेगी। नेटवर्क से संबंधित जानकारियों का विश्लेषण कर AI संभावित गड़बड़ियों और असामान्य गतिविधियों की ओर संकेत कर सकेगा।
इससे बिजली चोरी के मामलों की पहचान करने और संबंधित क्षेत्रों में जांच की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा बिजली लाइन, ट्रांसफॉर्मर और अन्य उपकरणों में होने वाले फॉल्ट का पता लगाने में भी यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।
फॉल्ट की पहचान और निगरानी होगी आसान
बिजली नेटवर्क में किसी जगह खराबी आने पर उसका पता लगाने और समस्या वाले क्षेत्र तक पहुंचने में समय लगता है। डिजिटल ट्विन के जरिए नेटवर्क की डिजिटल मैपिंग उपलब्ध होने से संबंधित उपकरणों और उनकी स्थिति की जानकारी प्राप्त करना आसान हो सकता है।
इस तकनीक से बिजली विभाग को नेटवर्क की निगरानी, ऑपरेशनल विजिबिलिटी और रखरखाव की योजना बनाने में मदद मिलेगी। अधिकारियों को यह समझने में सुविधा होगी कि बिजली वितरण व्यवस्था में कहां सुधार की जरूरत है और किन उपकरणों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
बिजली वितरण व्यवस्था को स्मार्ट बनाने की पहल
जयपुर डिस्कॉम का AI आधारित डिजिटल ट्विन बिजली वितरण प्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य केवल बिजली नेटवर्क का डिजिटल नक्शा तैयार करना नहीं, बल्कि उपलब्ध डेटा के आधार पर बेहतर निगरानी और संचालन सुनिश्चित करना भी है।
हालांकि, इस तकनीक को किस चरण में और कितने क्षेत्रों में लागू किया जाएगा, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद डिजिटल ट्विन के जरिए बिजली चोरी की पहचान, फॉल्ट की निगरानी और नेटवर्क प्रबंधन में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।
