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IAS शिखर अग्रवाल को 40 विला खरीदने के मामले में नोटिस: एक सप्ताह में मांगा जवाब, IPS पत्नी के नाम की प्रॉपर्टी रिटर्न में नहीं दिखाने पर भी सवाल

IAS शिखर अग्रवाल को 40 विला खरीदने के मामले में नोटिस: एक सप्ताह में मांगा जवाब, IPS पत्नी के नाम की प्रॉपर्टी रिटर्न में नहीं दिखाने पर भी सवाल
 
IAS शिखर अग्रवाल को 40 विला खरीदने के मामले में नोटिस: एक सप्ताह में मांगा जवाब, IPS पत्नी के नाम की प्रॉपर्टी रिटर्न में नहीं दिखाने पर भी सवाल

राजस्थान में IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल के एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदने के मामले में सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्मिक विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। नोटिस में IPS पत्नी प्रशाखा माथुर के नाम खरीदे गए विला को प्रॉपर्टी रिटर्न में शामिल नहीं करने को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।30 अक्टूबर को जारी नोटिस में दैनिक भास्कर की 27 अक्टूबर की रिपोर्ट का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में खुलासा किया गया था कि IAS शिखर अग्रवाल, उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर ने एक ही कंपनी से कुल 40 कॉटेज-विला खरीदे थे। इस मामले में अब कार्मिक विभाग ने अधिकारी से खरीद और संपत्ति के ब्योरे को लेकर जवाब मांगा है।

IPS पत्नी के नाम की संपत्ति पर भी सवाल

कार्मिक विभाग की ओर से जारी नोटिस में खास तौर पर यह पूछा गया है कि प्रशाखा माथुर के नाम खरीदे गए विला को प्रॉपर्टी रिटर्न में क्यों नहीं दिखाया गया। सरकारी अधिकारियों को अपनी संपत्ति से जुड़ी जानकारी निर्धारित नियमों के अनुसार प्रस्तुत करनी होती है। ऐसे में संपत्ति का विवरण नहीं देने को लेकर विभाग ने शिखर अग्रवाल से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।नोटिस में मीडिया रिपोर्ट के खुलासे का भी जिक्र किया गया है। अब शिखर अग्रवाल को एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखना होगा। उनके जवाब के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकता है।

विला बेचने वाली कंपनी के सरकारी फायदों पर रोक

इस मामले में संबंधित कंपनी पर भी कार्रवाई की गई है। शिखर अग्रवाल ने जिस कंपनी से विला खरीदे थे, उसके सरकारी फायदों पर रोक लगा दी गई है। यह रोक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच पूरी होने तक जारी रहेगी। यानी जांच के दौरान कंपनी को मिलने वाले सरकारी लाभ फिलहाल नहीं मिल सकेंगे।

ACB ने दर्ज की PE, जांच शुरू

दैनिक भास्कर में 27 अक्टूबर को खबर प्रकाशित होने के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हुई। खुलासे के बाद IAS शिखर अग्रवाल और उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर को उनके पदों से हटाकर APO कर दिया गया था।इसके बाद ACB ने शनिवार, 31 अक्टूबर को शिखर अग्रवाल के खिलाफ प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज की। ब्यूरो ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब कार्मिक विभाग के नोटिस और ACB की जांच के जरिए संपत्ति खरीद से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।फिलहाल इस मामले में शिखर अग्रवाल का जवाब सामने आना बाकी है। विभागीय नोटिस में उठाए गए सवालों पर उनका स्पष्टीकरण और ACB की जांच के निष्कर्ष आगे की कार्रवाई के लिहाज से अहम होंगे।