नितिन नबीन ने राजीव गांधी के ‘15 पैसे’ वाले बयान का किया जिक्र, बोले- अब पूरा पैसा गरीब तक पहुंचाने की कोशिश
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने जयपुर के दादिया में आयोजित सेवा संकल्प सभा को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के चर्चित ‘एक रुपया और 15 पैसे’ वाले कथन का जिक्र किया। नबीन ने कहा कि राजीव गांधी ने कहा था कि दिल्ली से एक रुपया चलता है तो गरीब तक केवल 15 पैसे पहुंचते हैं।
नितिन नबीन ने क्या कहा
नितिन नबीन ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर इस स्थिति का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि सरकार की ओर से भेजा गया पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे।
नबीन ने केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों के खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत हुई है।
1985 में राजीव गांधी ने दिया था बयान
राजीव गांधी ने 1985 में ओडिशा के सूखा प्रभावित कालाहांडी जिले के दौरे के दौरान सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर यह टिप्पणी की थी। उनके कथन का आशय था कि सरकार की ओर से खर्च किए गए हर एक रुपये का पूरा लाभ जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पाता। बाद के वर्षों में इस बयान का इस्तेमाल सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और लीकेज पर बहस के संदर्भ में कई बार किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने भी 2017 में आधार से जुड़े एक फैसले में राजीव गांधी के इस कथन का उल्लेख करते हुए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने में आने वाली चुनौतियों पर टिप्पणी की थी।
सेवा और सरकारी योजनाओं का किया जिक्र
नितिन नबीन ने अपने भाषण में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने गरीबों के लिए आवास, महिलाओं के लिए शौचालय और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि योजना जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचना जरूरी है।
उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि सरकार और जनता के बीच विश्वास सेवा और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बनता है। उनके भाषण में सरकारी योजनाओं के लाभ को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने और व्यवस्था में तकनीक की भूमिका पर भी जोर रहा।
