जोधपुर में ISIS मॉड्यूल पर NIA की बड़ी कार्रवाई, आरोपी जीशान के घर छापा; एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे बैंक रिकॉर्ड और दस्तावेज किए जब्त
आतंकी संगठन ISIS से जुड़े कथित मॉड्यूल की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को राजस्थान के जोधपुर में बड़ी कार्रवाई की। आंध्र प्रदेश से आई NIA टीम ने नई सड़क इलाके में रहने वाले 19 वर्षीय आरोपी जीशान के घर पर छापेमारी की। करीब चार घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक संबंधी जानकारी और अन्य डिजिटल व भौतिक साक्ष्य जुटाए।
जानकारी के अनुसार, NIA की टीम सुबह करीब 10 बजे जीशान के घर पहुंची और दोपहर लगभग 2 बजे तक घर के हर हिस्से की गहन तलाशी ली। जांच के दौरान अधिकारियों ने आरोपी के बैंक खातों, आर्थिक लेनदेन, खर्चों और हाल के महीनों में उसके संपर्क में आने वाले लोगों की जानकारी जुटाई। टीम ने कई दस्तावेज अपने कब्जे में लिए और आरोपी की बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को बनाता था निशाना
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जीशान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं से संपर्क करता था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर युवाओं का ब्रेनवॉश करने और उन्हें आतंकी संगठन से जोड़ने की कोशिश करता था।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर 'बेनेक्स' नाम से एक ग्रुप संचालित करता था। एजेंसियों के अनुसार, इसी प्लेटफॉर्म के जरिए वह युवाओं को प्रभावित कर उनकी कथित भर्ती की कोशिश करता था।
मार्च में हुआ था गिरफ्तार
जोधपुर के सदर बाजार थाना प्रभारी मानक राम बिश्नोई ने बताया कि जीशान को 24 मार्च को आंध्र प्रदेश एटीएस और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नई सड़क क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए आंध्र प्रदेश ले जाया गया था।पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर एजेंसियां अब उसके नेटवर्क, संपर्कों और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही हैं। इसी सिलसिले में NIA ने उसके घर पर दोबारा तलाशी अभियान चलाया।
नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी NIA
सूत्रों के मुताबिक, NIA यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था, उसके आर्थिक स्रोत क्या थे और क्या उसके तार किसी बड़े आतंकी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।जांच एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से ISIS से जुड़े कथित नेटवर्क और सोशल मीडिया के माध्यम से की जा रही गतिविधियों के बारे में अहम सुराग मिल सकते हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां इससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।
