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NHM ने 10 जिलों के CMHO को जारी किया नोटिस: 3 दिन में मांगा जवाब, 104 एम्बुलेंस के कम संचालन पर उठे सवाल

 
NHM ने 10 जिलों के CMHO को जारी किया नोटिस: 3 दिन में मांगा जवाब, 104 एम्बुलेंस के कम संचालन पर उठे सवाल

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने प्रदेश के 10 जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को नोटिस जारी किया है। नोटिस में निर्धारित संख्या के मुकाबले 104 एम्बुलेंस सेवाओं के कम संचालन को लेकर जवाब मांगा गया है। NHM ने सभी संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को समय पर आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 104 एम्बुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। लेकिन समीक्षा के दौरान सामने आया कि कुछ जिलों में स्वीकृत संख्या के अनुसार एम्बुलेंस का संचालन नहीं हो रहा है। इसके चलते मरीजों को समय पर सुविधा मिलने में परेशानी होने की आशंका जताई गई है।

निर्धारित संख्या से कम चल रही हैं एम्बुलेंस

NHM की ओर से की गई समीक्षा में पाया गया कि कई जिलों में 104 एम्बुलेंस के संचालन में कमी है। जिन जिलों को नोटिस जारी किया गया है, वहां स्वीकृत एम्बुलेंस की संख्या और वास्तविक संचालन में अंतर पाया गया है।

अधिकारियों से पूछा गया है कि आखिर किन कारणों से एम्बुलेंस सेवाएं पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो पा रही हैं। साथ ही कम संचालन के लिए जिम्मेदार कारणों और सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी गई है।

CMHO को तीन दिन में देना होगा जवाब

NHM ने सभी संबंधित जिलों के CMHO को निर्देश दिए हैं कि वे तीन दिन के अंदर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करें। जवाब में एम्बुलेंस संचालन में आ रही समस्याओं, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी देनी होगी।

NHM ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को समय पर आपातकालीन सुविधा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।

मरीजों की सुविधा से जुड़ा है मामला

104 एम्बुलेंस सेवा खासतौर पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह सेवा काफी उपयोगी साबित होती है।

एम्बुलेंस की कमी या कम संचालन की स्थिति में गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलने में देरी हो सकती है। इसी को देखते हुए NHM ने जिलों से जवाब तलब किया है।

आगे हो सकती है समीक्षा

CMHO से जवाब मिलने के बाद NHM मामले की समीक्षा करेगा। यदि संचालन में लापरवाही या संसाधनों के बेहतर उपयोग में कमी पाई जाती है तो आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि सभी जिलों में स्वीकृत क्षमता के अनुसार एम्बुलेंस सेवाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।