NGT का बड़ा फैसला: वीडियो में जाने जयपुर के SMS स्टेडियम समेत 3 बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने देश के तीन प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों को लेकर बड़ा अंतरिम आदेश जारी किया है। पर्यावरणीय नियमों के पालन में कथित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए ट्रिब्यूनल ने जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम, रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और मुंबई के डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम में सभी खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी है।
एनजीटी के आदेश के अनुसार, इन तीनों स्टेडियमों में अगली सुनवाई 17 अगस्त तक या ट्रिब्यूनल से विशेष अनुमति मिलने तक किसी भी प्रकार का क्रिकेट मैच, खेल प्रतियोगिता या अन्य खेल आयोजन नहीं कराया जा सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।
पर्यावरणीय नियमों के पालन पर उठे सवाल
ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित स्टेडियमों में पर्यावरणीय मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। इन्हीं मुद्दों को देखते हुए एहतियातन यह अंतरिम आदेश जारी किया गया है। हालांकि, अंतिम निर्णय मामले की विस्तृत सुनवाई और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद लिया जाएगा।
किन स्टेडियमों पर लागू हुआ आदेश?
NGT के अंतरिम आदेश के दायरे में आने वाले स्टेडियम हैं—
- सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम, जयपुर (राजस्थान)
- शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, रायपुर (छत्तीसगढ़)
- डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम, मुंबई (महाराष्ट्र)
इन सभी स्टेडियमों में फिलहाल किसी भी तरह की खेल गतिविधि आयोजित नहीं की जा सकेगी, जब तक ट्रिब्यूनल की ओर से आगे की अनुमति नहीं मिल जाती।
17 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
NGT ने मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित की है। इस दौरान संबंधित पक्षों को अपना जवाब और पर्यावरणीय नियमों के पालन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसके बाद ट्रिब्यूनल तय करेगा कि अंतरिम रोक जारी रहेगी या इसमें कोई राहत दी जाएगी।
खेल आयोजनों पर पड़ सकता है असर
इस आदेश का असर इन स्टेडियमों में प्रस्तावित क्रिकेट मैचों, घरेलू टूर्नामेंटों और अन्य खेल आयोजनों पर पड़ सकता है। यदि 17 अगस्त से पहले किसी आयोजन की योजना है, तो उसके लिए ट्रिब्यूनल से विशेष अनुमति लेना आवश्यक होगा।
फिलहाल, NGT के इस फैसले ने खेल और पर्यावरणीय अनुपालन दोनों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर 17 अगस्त की सुनवाई पर रहेगी, जहां यह स्पष्ट होगा कि इन स्टेडियमों में खेल गतिविधियां कब तक दोबारा शुरू हो सकेंगी।
