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अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू, स्कूलों में बच्चों का पारंपरिक स्वागत

अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू, स्कूलों में बच्चों का पारंपरिक स्वागत
 
अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू, स्कूलों में बच्चों का पारंपरिक स्वागत

राजस्थान में 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। इसके साथ ही प्रदेश के सरकारी और निजी सभी स्कूलों में रौनक लौट आई है। कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के छात्र-छात्राएं नए सत्र के पहले दिन स्कूल पहुंचे, जहां शिक्षण संस्थानों में उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया।

बारां जिले में स्कूल पहुंचने पर बच्चों के लिए विशेष स्वागत की व्यवस्था की गई। स्कूल स्टाफ ने विद्यार्थियों के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाया, उन्हें माला पहनाई और मुंह मीठा कराकर नए सत्र की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और सफलता की कामना भी की गई।

स्कूल परिसर में पहले दिन उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। बच्चों के चेहरे खुशी और उत्साह से खिले नजर आए। शिक्षकों ने भी नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

राज्य सरकार ने इस वर्ष शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लिया है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर बच्चे को समान अवसर मिल सके।

इसी दिशा में 27 मार्च से ही “प्रवेशोत्सव” अभियान और घर-घर सर्वे (हाउस होल्ड सर्वे) की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके तहत स्कूल से बाहर रह गए बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।

शिक्षा विभाग के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल नामांकन बढ़ाना नहीं है, बल्कि बच्चों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना भी है।

नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रदेशभर के स्कूलों में पढ़ाई का माहौल फिर से सक्रिय हो गया है। अभिभावकों और शिक्षकों ने उम्मीद जताई है कि इस वर्ष शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी और हर बच्चे को बेहतर भविष्य की दिशा मिलेगी।