काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधूरा काम मिला तो होगी कार्रवाई: सीएम भजनलाल शर्मा
राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश देते हुए साफ कहा है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि तय समय में काम पूरा नहीं हुआ या कार्यों में गुणवत्ता की कमी पाई गई, तो अधिकारी हो या कर्मचारी, सभी पर कार्रवाई होना तय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आमजन को समय पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए, ताकि जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
सीएम ने कहा कि सरकार विकास कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है और फील्ड स्तर पर काम की समीक्षा भी की जा रही है। ऐसे में यदि कहीं भी लापरवाही, अनदेखी या कार्यों में देरी सामने आई तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि केवल कागजों में काम दिखाने से काम नहीं चलेगा, धरातल पर परिणाम नजर आने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि सरकार जवाबदेही के साथ काम करने में विश्वास रखती है। जनता ने भरोसे के साथ सरकार को जिम्मेदारी सौंपी है और उस भरोसे पर खरा उतरना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं पर सरकार काम कर रही है, उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कई विभागों के कामकाज की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं, उनका सम्मान होगा, लेकिन लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्ती तय है।
सीएम भजनलाल शर्मा का यह बयान प्रशासनिक अमले के लिए सख्त संदेश माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार अब विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहती। मुख्यमंत्री की इस सख्ती के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह रुख सुशासन और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में अहम संकेत है। वहीं आम जनता भी सरकार के इस सख्त रुख को सकारात्मक रूप में देख रही है।
फिलहाल मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि राजस्थान में विकास कार्यों में देरी या लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। सरकार ने संदेश दे दिया है कि काम पूरा नहीं हुआ तो कार्रवाई तय है।
