नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था NEET का पेपर, एक्सक्लुसीव फुटेज में दावा जयपुर के भाइयों ने 30 लाख में खरीदा, उसके बाद आगे बेचा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित NEET 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है। यह बड़ा फैसला पेपर लीक की आशंका और जांच में सामने आए गंभीर खुलासों के बाद लिया गया है। परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों पर असर पड़ा है और पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
गेस पेपर से शुरू हुआ शक
मामले की शुरुआत राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं जिलों से हुई, जहां कुछ छात्रों को परीक्षा से दो दिन पहले एक “गेस पेपर” मिला था। जांच में दावा किया गया कि इसी पेपर के 120 से अधिक प्रश्न असली NEET पेपर में भी शामिल थे। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
SOG जांच में बड़ा खुलासा
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में पेपर लीक से जुड़ा एक संगठित नेटवर्क सामने आया है, जो कई राज्यों में फैला हुआ बताया जा रहा है। जांच के अनुसार, नासिक (महाराष्ट्र) के शुभम खैरनार पर आरोप है कि उसने प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लीक कर उसे पुणे में बेचा। इसके बाद यह पेपर आगे गुरुग्राम तक पहुंचा, जहां इसे खरीदा गया। वहां से नेटवर्क और फैलता गया और राजस्थान तक इसकी पहुंच बनी।
जयपुर तक फैला नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि जयपुर के दो भाइयों—दिनेश और मांगीलाल—ने सबसे पहले यह पेपर खरीदा था। आरोप है कि उन्होंने 26 और 27 अप्रैल को गुरुग्राम स्थित एक गैंग को करीब 30 लाख रुपये का भुगतान किया था। इसके बाद यह पेपर विभिन्न माध्यमों से छात्रों तक पहुंचाया गया, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठे।
NTA का बड़ा फैसला
मामले की गंभीरता और पेपर लीक की पुष्टि की आशंका के चलते NTA ने NEET 2026 परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है। एजेंसी अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
छात्रों में असमंजस और नाराजगी
परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर के छात्रों में असमंजस और नाराजगी का माहौल है। कई छात्र इसे अपनी मेहनत पर पानी फेरने जैसा बता रहे हैं, जबकि शिक्षा विशेषज्ञ इसे परीक्षा प्रणाली की गंभीर चूक मान रहे हैं।
