NARI Report : गुलाबी नगरी में महिलाओं की सुरक्षा खतरे में, पॉक्सो मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी, अत्याचार के आंकड़े दहला देने वाले
देश के सबसे सुरक्षित शहर दिल्ली या जयपुर नहीं, बल्कि कोहिमा और मुंबई जैसे शहर हैं। राष्ट्रीय वार्षिक रिपोर्ट और महिला सुरक्षा सूचकांक (नारी)-2025 की गुरुवार को जारी रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। आपको बता दें कि 31 शहरों की 12,770 महिलाओं पर किए गए सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में 40 प्रतिशत महिलाओं ने खुद को असुरक्षित बताया है। उत्पीड़न में घूरना, छेड़छाड़, अश्लील टिप्पणियाँ और सड़कों पर छूना शामिल था। मज़बूत लैंगिक समानता, पुलिस व्यवस्था, महिला-अनुकूल बुनियादी ढाँचे और नागरिक भागीदारी वाले शहरों को सुरक्षित माना गया।
पोक्सो मामलों में 69.28 प्रतिशत की वृद्धि
जयपुर में नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार और छेड़छाड़ के कुल पोक्सो अधिनियम के मामलों में पिछले साल की तुलना में इस साल 69.28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। शहर की सबसे भयावह तस्वीर महिलाओं के गले से बेड़ियाँ तोड़ने की है। वर्ष 2024 से अब तक डेढ़ साल में लगभग 150 मामले सामने आ चुके हैं।
पूर्वोत्तर में ज़्यादा 'सुरक्षित शहर'
सबसे सुरक्षित: कोहिमा, विशाखापत्तनम, भुवनेश्वर, आइज़ोल, गंगटोक, ईटानगर, मुंबई
सबसे असुरक्षित: पटना, जयपुर, फरीदाबाद, दिल्ली, कोलकाता, श्रीनगर, रांची
संख्या में असुरक्षा
-2024 में सार्वजनिक स्थानों पर सात प्रतिशत महिलाएँ 'उत्पीड़न' का शिकार हुईं।
-18-24 आयु वर्ग में महिला 'उत्पीड़न' का यह आँकड़ा 14 प्रतिशत था।
-38 प्रतिशत मामलों में, महिलाओं का उत्पीड़न आस-पड़ोस या परिचितों के बीच हुआ, जबकि 29 प्रतिशत मामलों में यह सार्वजनिक परिवहन में हुआ।
-तीन में से केवल एक पीड़ित महिला ने उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई।
इस वर्ष महिलाओं पर अत्याचार के 2110 मामले
अपराध-2024-2025
-बलात्कार-320-318
-अत्याचार-1932-2110
-चेन स्नैचिंग-67-65
-पॉक्सो अधिनियम-98-180
महिलाओं को न केवल सड़क अपराधों से, बल्कि साइबर अपराधों, आर्थिक भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न से भी बचाना हम सबकी ज़िम्मेदारी है।
