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नरेश मीणा का ऐलान, जीवन भर भाजपा में नहीं जाएंगे, बोले- 2028 के चुनाव में क्रांति तय

नरेश मीणा का ऐलान, जीवन भर भाजपा में नहीं जाएंगे, बोले- 2028 के चुनाव में क्रांति तय
 
नरेश मीणा का ऐलान, जीवन भर भाजपा में नहीं जाएंगे, बोले- 2028 के चुनाव में क्रांति तय

बूंदी के नैनवां में एक प्रोग्राम में बोलते हुए नरेश मीणा ने आदिवासी मीणा कम्युनिटी की पावर में हिस्सेदारी के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि पुराने ज़माने में आदिवासी कम्युनिटी को शास्त्रों और शिक्षा से दूर रखा गया था, लेकिन फिर भी उनके पूर्वजों ने समझदारी और बहादुरी से राज किया। आज डेमोक्रेसी के ज़माने में किसी समाज की असली ताकत उसकी पावर में हिस्सेदारी से तय होती है।

हाड़ौती को कैपिटलिस्ट से आज़ाद कराने का संकल्प
नरेश मीणा ने कहा कि हाड़ौती में आदिवासी मीणा कम्युनिटी की अच्छी-खासी संख्या होने के बावजूद उन्हें पॉलिटिकल तौर पर किनारे कर दिया गया है। उनके कम वोट बेस के बावजूद, कैपिटलिस्ट नेताओं ने सालों तक इलाके की पॉलिटिक्स पर कब्ज़ा किया हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक हाड़ौती को इन कैपिटलिस्ट के पॉलिटिकल कंट्रोल से आज़ाद नहीं कर दिया जाता और ऐसे नेताओं को असेंबली और पार्लियामेंट से नहीं हटा दिया जाता, तब तक वे जूते नहीं पहनेंगे।

पावर में हिस्सेदारी के बिना समाज का कोई भला मुमकिन नहीं है। हाड़ौती में कम्युनिटी के अधिकारियों और कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है, डर के माहौल में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, और कभी-कभी तो बिजनेस बंद हो रहे हैं। यह हालत पावर से दूर रहने का नतीजा है। नरेश मीणा
नरेश मीणा ने BJP को लेकर बड़ा ऐलान किया
इवेंट में बोलते हुए नरेश मीणा ने कहा कि आठ महीने जेल में बिताने और 32 केस झेलने के बावजूद, उन्होंने सबके सामने ऐलान किया है कि वे ज़िंदगी भर BJP में शामिल नहीं होंगे। BJP को आरक्षण विरोधी पार्टी बताते हुए नरेश मीणा ने कहा कि यह दलित और आदिवासी समुदायों के हितों के खिलाफ काम करती है। उन्होंने यह भी कहा कि वे अंता विधानसभा उपचुनाव में BJP का टिकट लेने से मना कर देंगे।

कांग्रेस पर और सवाल उठाते हुए नरेश मीणा ने कहा कि रामनारायण मीणा जैसे सीनियर नेताओं को आम लोकसभा सीट से MP होने के बावजूद कभी मंत्री नहीं बनाया गया, जबकि दूसरे समुदायों को प्राथमिकता दी गई। राजस्थान की आबादी में आदिवासी समुदाय की 13 परसेंट हिस्सेदारी होने के बावजूद उन्हें टिकट के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। 2028 के विधानसभा चुनाव में हाड़ौती में राजनीतिक क्रांति तय है।