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खाद की किल्लत पर भड़के नरेश मीणा, अल्टीमेटम खत्म होते ही समर्थकों के साथ SDM कार्यालय पहुंचे

खाद की किल्लत पर भड़के नरेश मीणा, अल्टीमेटम खत्म होते ही समर्थकों के साथ SDM कार्यालय पहुंचे
 
खाद की किल्लत पर भड़के नरेश मीणा, अल्टीमेटम खत्म होते ही समर्थकों के साथ SDM कार्यालय पहुंचे

किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर नरेश मीणा ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने प्रशासन को शाम 4 बजे तक खाद की व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन तय समयसीमा पूरी होने के बाद भी किसानों की परेशानी दूर नहीं होने पर नरेश मीणा समर्थकों के साथ SDM कार्यालय पहुंच गए। इस घटनाक्रम के बाद खाद की किल्लत का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

किसानों को खाद नहीं मिलने से नाराज नरेश मीणा

खाद की कमी के चलते किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेती-किसानी के काम के बीच खाद की उपलब्धता प्रभावित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने से कृषि कार्यों पर असर पड़ने की आशंका भी बनी हुई है। इसी समस्या को लेकर नरेश मीणा ने प्रशासन से व्यवस्था में सुधार करने की मांग की थी।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर शाम 4 बजे तक खाद की व्यवस्था दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया था। उम्मीद थी कि निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रशासन की ओर से किसानों को राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, समय पूरा होने के बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर नरेश मीणा नाराज हो गए।

अल्टीमेटम खत्म होते ही SDM कार्यालय पहुंचे

निर्धारित समय तक किसानों की समस्या का समाधान नहीं होने पर नरेश मीणा अपने समर्थकों के साथ SDM कार्यालय पहुंच गए। उनका यह कदम खाद की किल्लत को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। किसानों को खाद उपलब्ध कराने की मांग के साथ SDM कार्यालय पहुंचने से मामले ने तूल पकड़ लिया।

नरेश मीणा की ओर से पहले ही प्रशासन को समयसीमा दी जा चुकी थी। ऐसे में अल्टीमेटम खत्म होने के बाद उनका कार्यालय पहुंचना इस बात का संकेत है कि वह किसानों की समस्या को लेकर प्रशासन से जवाब चाहते हैं।

खाद की व्यवस्था सुधारने की मांग

किसानों के लिए खाद की उपलब्धता एक अहम मुद्दा है, खासकर तब जब कृषि कार्यों के लिए इसकी जरूरत होती है। ऐसे में खाद की कमी और वितरण व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं किसानों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। नरेश मीणा ने इसी मुद्दे को उठाते हुए प्रशासन से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

अब इस मामले में प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर कब तक राहत मिलती है, इस पर नजर रहेगी।