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ऑपरेशन नीलकंठ के तहत नागौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एमडीएमए सप्लाई करने वाले तीन तस्कर गिरफ्तार, एक आरएसी कांस्टेबल भी शामिल

ऑपरेशन नीलकंठ के तहत नागौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एमडीएमए सप्लाई करने वाले तीन तस्कर गिरफ्तार, एक आरएसी कांस्टेबल भी शामिल
 
ऑपरेशन नीलकंठ के तहत नागौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एमडीएमए सप्लाई करने वाले तीन तस्कर गिरफ्तार, एक आरएसी कांस्टेबल भी शामिल

जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन नीलकंठ’ के तहत नागौर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस थाना कोतवाली की टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एमडीएमए (मादक पदार्थ) की सप्लाई में लिप्त तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में एक आरएसी कांस्टेबल भी शामिल है, जिससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, लंबे समय से जिले में मादक पदार्थों की अवैध सप्लाई की शिकायतें मिल रही थीं। युवाओं को निशाना बनाकर नशे का कारोबार फैलाया जा रहा था। इसी को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ‘ऑपरेशन नीलकंठ’ के तहत लगातार निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कोतवाली थाना पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग एमडीएमए की खेप सप्लाई करने की फिराक में हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्धों की घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान अलाय हाल बीकानेर निवासी दिनेश विश्नोई, जोधपुर जिले के सिरमंडी निवासी आरएसी कांस्टेबल श्रीराम विश्नोई तथा जालौर जिले के जोगऊ निवासी प्रदीप विश्नोई के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से एमडीएमए बरामद की गई, जिसे जब्त कर लिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी दिनेश विश्नोई मुख्य सप्लायर के रूप में काम कर रहा था, जबकि अन्य आरोपी नेटवर्क के जरिए नशे की खेप को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने में सहयोग कर रहे थे। आरएसी कांस्टेबल की संलिप्तता सामने आने से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी पहचान और पद का फायदा उठाकर तस्करी के काम को अंजाम देता था।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे जुड़े अन्य लोगों तथा पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि नशे की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जा रही थी और इसमें कितने लोग शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ‘ऑपरेशन नीलकंठ’ के तहत आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं भी मादक पदार्थों की तस्करी या संदिग्ध गतिविधियां नजर आएं तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

नागौर पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ जंग में अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल तस्करों में भय का माहौल बना है, बल्कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने की दिशा में भी सकारात्मक संदेश गया है।