नादौती SDM काजल मीणा रिश्वत मामले में फंसी, ACB ने 60 हजार रुपये लेते हुए किया ट्रैप
राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की चर्चित और तेज-तर्रार अधिकारी मानी जाने वाली नादौती एसडीएम काजल मीणा अब गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गई हैं। IIT से शिक्षा प्राप्त कर दिल्ली में एक प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर प्रशासनिक सेवा में आने वाली काजल मीणा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है और पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, ACB को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि नादौती एसडीएम कार्यालय में विभिन्न कार्यों के बदले अवैध रूप से धन की मांग की जा रही है। शिकायतों की पुष्टि के बाद ACB ने एक योजना बनाकर जाल बिछाया और कथित तौर पर 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए SDM काजल मीणा को ट्रैप कर लिया। कार्रवाई के तुरंत बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
काजल मीणा को राजस्थान प्रशासनिक सेवा के उन चुनिंदा अधिकारियों में गिना जाता था, जिन्होंने उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रशासनिक सेवा को चुना था। IIT से पढ़ाई और कॉरपोरेट सेक्टर में नौकरी का आकर्षक अवसर छोड़कर उन्होंने देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवाओं में से एक RAS को चुना था। उनकी यह यात्रा कई युवाओं के लिए प्रेरणा मानी जाती थी, लेकिन अब यह मामला पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर रहा है।
ACB इस पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रिश्वत लेने की यह घटना पहली बार हुई है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या कार्यालय में अन्य लोग भी इस प्रक्रिया में शामिल थे या नहीं।
इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। कई वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के मामलों से जनता का विश्वास प्रशासनिक व्यवस्था पर कमजोर होता है। वहीं, आम लोगों के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि उच्च शिक्षा और प्रतिष्ठित बैकग्राउंड से आने वाले अधिकारी भी आखिर भ्रष्टाचार के मामलों में कैसे फंस सकते हैं।
यह मामला केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे पूरे प्रशासनिक तंत्र की पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के साथ-साथ सिस्टम में सुधार की भी आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
फिलहाल, ACB की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
