टोंक में रहस्यमयी घड़े का खुलासा, एक्सक्लुसीव फुटेज में जानें नकली तांत्रिक निकले ठग, 5 किलो से ज्यादा नकली सोना जब्त
राजस्थान के टोंक जिले में खुदाई के दौरान मिले रहस्यमयी घड़े का राज आखिरकार पुलिस ने खोल दिया है। जिस घड़े को लेकर इलाके में खजाना मिलने की चर्चाएं हो रही थीं, वह दरअसल ठगी की साजिश का हिस्सा निकला। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह कोई प्राचीन या गड़ा हुआ खजाना नहीं था, बल्कि खुद को तांत्रिक बताने वाले ठगों ने लोगों को झांसे में लेने के लिए इसे पहले से जमीन में छिपाकर रखा था। मामले में पुलिस ने रविवार रात दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी खुद को तांत्रिक बताकर लोगों को तंत्र-मंत्र और विशेष विद्या के जरिए जमीन में गड़ा हुआ धन खोजने का दावा करते थे। इसी बहाने वे लोगों का विश्वास जीतते और फिर ठगी को अंजाम देते थे। आरोपियों ने लोगों को यह यकीन दिलाया कि उनके पास ऐसी शक्तियां हैं, जिनसे वे जमीन के नीचे छिपा खजाना खोज सकते हैं। इसी साजिश के तहत उन्होंने एक घड़ा जमीन में दबा दिया था।
जांच में सामने आया कि घड़े में रखी गई सोने की ईंटें और बिस्किट जैसी दिखने वाली वस्तुएं असल में सोने की नहीं थीं। ये पीतल और तांबे से बनी नकली सामग्री थी, जिस पर ऊपर से सोने की परत चढ़ाई गई थी, ताकि देखने में यह असली सोना लगे। जब घड़ा खुदाई में मिला तो लोगों में खजाना मिलने की अफवाह फैल गई, लेकिन पुलिस की सतर्कता से सच्चाई जल्द सामने आ गई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से कुल 5 किलो 242 ग्राम नकली सोना बरामद किया है। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे लंबे समय से इस तरह की ठगी कर रहे थे। वे पहले से जगह चिन्हित कर वहां नकली सोने से भरा घड़ा दबा देते थे और फिर तंत्र-मंत्र के जरिए उसी स्थान पर खजाना निकलने का नाटक करते थे। इसके बाद लोगों से मोटी रकम ऐंठ लेते थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था और लोगों की आस्था व लालच का फायदा उठाता था। आरोपी नकली सोना बनाने के लिए तांबे और पीतल पर सोने की परत चढ़ाने की तकनीक का इस्तेमाल करते थे, जिससे आम व्यक्ति आसानी से धोखा खा जाए।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि उन्होंने इससे पहले किन-किन लोगों को ठगा है और क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे तंत्र-मंत्र, गड़े हुए धन या खजाना निकालने जैसे दावों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस खुलासे के बाद टोंक में फैली खजाने की चर्चाओं पर विराम लग गया है और पुलिस की कार्रवाई से ठगों के मंसूबों पर पानी फिर गया है।
