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‘सुशांत सिंह मामले में मेरे बयान आज भी दर्ज नहीं’: सुरजीत सिंह बोले- मानवाधिकार आयोग को दोबारा जांच के लिए पत्र लिखा

 
‘सुशांत सिंह मामले में मेरे बयान आज भी दर्ज नहीं’: सुरजीत सिंह बोले- मानवाधिकार आयोग को दोबारा जांच के लिए पत्र लिखा

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। सुशांत के परिवार और प्रशंसकों के बीच लंबे समय से इस मामले की जांच को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। अब सुशांत से जुड़े रहे सुरजीत सिंह राठौर ने दावा किया है कि इस मामले में उनके बयान आज तक दर्ज नहीं किए गए हैं। उन्होंने मामले की दोबारा जांच की मांग को लेकर मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखने की बात कही है।

सुरजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने जांच से जुड़ी एजेंसियों के सामने अपनी ओर से महत्वपूर्ण बातें रखने की कोशिश की थी, लेकिन उनके मुताबिक उनके बयान को अपेक्षित तरीके से दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने एक बार फिर इस मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच किए जाने की मांग उठाई है।

‘मेरे बयान आज भी दर्ज नहीं हुए’

सुरजीत सिंह राठौर का दावा है कि सुशांत की मौत से जुड़े घटनाक्रम को लेकर उनके पास ऐसी जानकारी है, जिसे जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए था। उनका कहना है कि इतने साल बीत जाने के बावजूद उनके बयान दर्ज नहीं किए गए।

उन्होंने इसी वजह से मानवाधिकार आयोग का रुख करने की बात कही है। सुरजीत के मुताबिक, उन्होंने आयोग को पत्र लिखकर पूरे मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की है। हालांकि, उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना इन्हें जांच में स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

रिया को ‘सॉरी बाबू’ कहते सुना था- सुरजीत

सुशांत सिंह राजपूत के अंतिम दर्शन से जुड़ा सुरजीत सिंह का एक पुराना दावा भी पहले काफी चर्चा में रहा था। 2020 में आजतक को दिए एक इंटरव्यू में सुरजीत ने कहा था कि उन्होंने रिया चक्रवर्ती को सुशांत के पार्थिव शरीर के पास जाते देखा था और उनके मुताबिक रिया ने वहां ‘सॉरी बाबू’ कहा था।

सुरजीत ने उस समय दावा किया था कि उन्होंने रिया को अंतिम दर्शन कराने में भूमिका निभाई थी। उनका यह बयान उस समय सुशांत केस की चर्चाओं के बीच काफी सुर्खियों में आया था।

जांच को लेकर लगातार उठते रहे सवाल

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद मुंबई पुलिस, बिहार पुलिस और बाद में सीबीआई जांच को लेकर लंबे समय तक बहस चलती रही। अलग-अलग स्तर पर सामने आए दावों और सवालों ने मामले को लगातार सुर्खियों में बनाए रखा।

हालांकि, मौजूदा समय में सुशांत मामले से जुड़े हर दावे को उसके स्रोत और कानूनी स्थिति के संदर्भ में देखना जरूरी है। किसी व्यक्ति के बयान या आरोप अपने आप में अपराध साबित नहीं करते।

अलग मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का अहम आदेश

इसी बीच सितंबर 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुशांत से जुड़े एक अलग मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। यह मामला सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से संबंधित है। कोर्ट ने जांच में कई गंभीर विसंगतियों का उल्लेख करते हुए मामले में एफआईआर दर्ज कर सीबीआई से जांच कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने किसी व्यक्ति के खिलाफ दोष का निष्कर्ष नहीं दिया है और अंतिम तथ्य जांच के बाद सामने आएंगे।

ऐसे में सुशांत केस से जुड़े पुराने दावों और नए कानूनी घटनाक्रम के बीच एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की कितनी गहराई से जांच हुई थी। सुरजीत सिंह राठौर का ताजा दावा भी इसी पुरानी बहस को दोबारा सामने लाता है।