Aapka Rajasthan

राजस्थान में मुंबई-गुजरात ATS की कार्रवाई शर्म की बात, सीएम बोले- गैंगस्टर प्रदेश में आएं तो वापस ना जा पाएं

राजस्थान में मुंबई-गुजरात ATS की कार्रवाई शर्म की बात, सीएम बोले- गैंगस्टर प्रदेश में आएं तो वापस ना जा पाएं
 
राजस्थान में मुंबई-गुजरात ATS की कार्रवाई शर्म की बात, सीएम बोले- गैंगस्टर प्रदेश में आएं तो वापस ना जा पाएं

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में नशे के खिलाफ राज्य में हुई कार्रवाई को लेकर पुलिस अफसरों के सामने गंभीर सवाल उठाए। सीएम ने विशेष रूप से गुजरात और महाराष्ट्र की एटीएस (Anti-Terrorism Squad) की टीमों द्वारा राज्य में की गई कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि “मैंने देखा है कि मुंबई से ATS की टीम यहां आकर कार्रवाई कर रही है। गुजरात की टीम ने जोधपुर और बाड़मेर जिलों में सक्रिय रूप से नशा तस्करी और अन्य संबंधित मामलों में कार्रवाई की।”

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने और नशे के खिलाफ लड़ाई में राजस्थान पुलिस पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि जब राज्य की अपनी कानून प्रवर्तन एजेंसियां पर्याप्त हैं, तो अन्य राज्यों की टीमों को यहां क्यों बुलाया गया और उनकी कार्रवाई का उद्देश्य क्या है।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई में पारदर्शिता और कानून के दायरे में रहना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी बाहरी एजेंसी को राज्य में कार्रवाई करने से पहले राजस्थान सरकार और स्थानीय पुलिस को पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में नशे के मामलों की निगरानी और तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में स्थानीय पुलिस की भूमिका मजबूत की जानी चाहिए।

राजस्थान में नशा नियंत्रण को लेकर कई जिलों में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। लेकिन सीएम ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की अनुमति के बिना बाहरी टीमों की कार्रवाइयाँ कभी-कभी स्थानीय अधिकारियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होती हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में समन्वय और साझा रणनीति अपनाना जरूरी है, ताकि कार्रवाई प्रभावी और कानूनी रूप से सही ढंग से हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्य, जहां नशा तस्करी के मामलों में काफी अनुभव है, अपनी टीमों को साझा कर सकते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि राज्य की संप्रभुता और स्थानीय प्रशासन की भूमिका बनी रहे।

सीएम भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों से यह भी निर्देश दिए कि वे नशे के खिलाफ अभियान को और तेज करें और राज्य के युवाओं को इस सामाजिक बुराई से दूर रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है।

राजस्थान सरकार ने इस संदर्भ में स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी बाहरी टीम को राज्य में कार्रवाई करने से पहले राज्य सरकार और पुलिस विभाग से समन्वय करना अनिवार्य होगा। इससे कार्रवाई में पारदर्शिता बनेगी और किसी प्रकार की अनावश्यक तनावपूर्ण स्थिति से बचा जा सकेगा।

मुख्यमंत्री के सवालों और निर्देशों ने पुलिस विभाग और संबंधित अधिकारियों में सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने कहा कि वे सीएम के निर्देशों के अनुसार नशे के खिलाफ अभियान और समन्वय की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाएंगे।