भीलवाड़ा में मां ने की दो मासूम बच्चों की हत्या, वीडियो में जानें पति को फोन कर कहा- मैंने बच्चों को मार दिया, खुद भी जहर खाया
जिले के मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के मानपुरा गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना हुई। यहां एक मां ने अपने दो मासूम बच्चों की धारदार हथियार से हत्या कर दी और खुद जहर खा लिया। महिला को गंभीर हालत में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूत्रों के अनुसार, घटना के समय महिला का पति घर पर मौजूद नहीं था। बच्चों को मारने के बाद महिला ने अपने पति को फोन किया और कहा, “मैंने बच्चों को मार दिया है।” इस हादसे से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण मानसिक तनाव में थी। बताया जा रहा है कि इसी मानसिक दबाव और निराशा के चलते उसने यह भयावह कदम उठाया।
मांडलगढ़ DSP बाबूलाल बिश्नोई ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि महिला ने दो बच्चों की हत्या की और फिर खुद जहर खा लिया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी। घटना स्थल से FSL टीम ने सबूत जुटाए हैं और मामले की गहन जांच जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला की मानसिक स्थिति और बीमारी के कारण इस कदम के पीछे संभावित कारणों की जांच की जा रही है। परिवार और पड़ोसियों के बयान भी मामले की गहराई समझने में मदद कर रहे हैं।
गांववासियों ने बताया कि परिवार पहले से ही सामाजिक और आर्थिक दबावों का सामना कर रहा था। महिला के स्वास्थ्य को लेकर परिवार चिंतित था और बच्चों की सुरक्षा भी उनका प्राथमिकता क्षेत्र था। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में स्तब्धता फैला दी है और लोगों को मानसिक स्वास्थ्य और परिवारिक तनाव के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता को उजागर किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं मानसिक स्वास्थ्य, गंभीर बीमारी और पारिवारिक दबाव के मिश्रण से पैदा हो सकती हैं। उन्होंने अपील की है कि परिवारों और समुदायों को मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर अधिक संवेदनशील होना चाहिए और तनावग्रस्त लोगों को मदद उपलब्ध कराना चाहिए।
DSP बाबूलाल बिश्नोई ने कहा कि पुलिस मामले की संपूर्ण जांच कर रही है और महिला की हालत स्थिर होते ही उससे पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा, बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि मानसिक स्वास्थ्य और गंभीर बीमारियों से जुड़ी चुनौतियों पर पर्याप्त ध्यान देना कितना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि समाज और परिवार दोनों को ऐसी स्थितियों में सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करने की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार की त्रासद घटनाओं से बचा जा सके।
भीलवाड़ा में यह दर्दनाक घटना पूरे इलाके में शोक और चिंता का कारण बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ कर रहे हैं और परिवार की मदद के लिए कदम उठा रहे हैं।
