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जयपुर में खुलेंगे 200 से ज्यादा ग्लोबल सेंटर, डेढ़ लाख नौकरियों की तैयारी, जानें भजनलाल सरकार का पूरा प्लान

जयपुर में खुलेंगे 200 से ज्यादा ग्लोबल सेंटर, डेढ़ लाख नौकरियों की तैयारी, जानें भजनलाल सरकार का पूरा प्लान
 
जयपुर में खुलेंगे 200 से ज्यादा ग्लोबल सेंटर, डेढ़ लाख नौकरियों की तैयारी, जानें भजनलाल सरकार का पूरा प्लान

भजनलाल सरकार राजस्थान को IT हब बनाने के लिए काम कर रही है। 4 से 6 जनवरी तक होने वाला राजस्थान डिजिफेस्ट TIE ग्लोबल समिट 2026 इस सरकार की स्ट्रैटेजी का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और AVGC जैसे एरिया पर फोकस करता है।

दो साल में चार पॉलिसी लागू
पिछले दो सालों में, राज्य सरकार ने IT और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे एरिया के लिए चार नई पॉलिसी लागू की हैं। इनमें राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी 2025, राजस्थान AVGC पॉलिसी 2024, राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी 2025 और राजस्थान AI ML पॉलिसी 2026 शामिल हैं।

डेटा सेंटर सेक्टर पर सरकार का फोकस
डिजिटल और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का फोकस डेटा सेंटर सेक्टर पर है। जयपुर में भामाशाह डेटा सेंटर पहले ही 800 रैक की कैपेसिटी वाला स्टेट-ऑफ-द-आर्ट टियर-4 डेटा सेंटर बन चुका है। अब, प्राइवेट सेक्टर से बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर को अट्रैक्ट करने के लिए राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी 2025 लाई गई है। इस पॉलिसी में 10 साल के लिए एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, बड़े इन्वेस्टर्स के लिए एडिशनल सनराइज इंसेंटिव, इंटरेस्ट सबवेंशन, बिजली और ज़मीन से जुड़ी रियायतें, और स्टाम्प ड्यूटी और एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज से छूट जैसे प्रोविज़न शामिल हैं।

आने वाले ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पर फोकस
सरकार का अगला फोकस ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पर है। NCR से नज़दीकी, बेहतरीन कनेक्टिविटी और काफ़ी कम लागत की वजह से, जयपुर एक GCC हब के तौर पर डेवलप होने के लिए तैयार है। राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी 2025 का मकसद 2030 तक राज्य में 200 से ज़्यादा GCC बनाना और लगभग 150,000 नौकरियां पैदा करना है। जयपुर के साथ, उदयपुर और जोधपुर को भी GCC हब के तौर पर डेवलप किया जाएगा।

क्रिएटिव इंडस्ट्री पर दांव
IT सेक्टर के साथ, सरकार ने क्रिएटिव इंडस्ट्री पर भी दांव लगाया है। राजस्थान AVGC पॉलिसी 2024 का मकसद एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और ऑगमेंटेड रियलिटी से जुड़े स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है। इस पॉलिसी के तहत, राज्य में बनने वाली एनिमेशन फिल्मों, गेम्स और कॉमिक्स को प्रोडक्शन ग्रांट दिया जाएगा और लोकल कल्चर पर आधारित कंटेंट को एक्स्ट्रा इंसेंटिव मिलेगा। इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अटल इनोवेशन स्टूडियो और एक्सेलरेटर बनाए जाएंगे।

AI से जुड़े साइबर क्राइम को कंट्रोल करने के लिए गाइडलाइंस
राजस्थान AI ML पॉलिसी 2026 को ई-गवर्नेंस और पब्लिक सर्विसेज़ को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ने के लिए ज़रूरी माना जा रहा है। इस पॉलिसी का मकसद सरकारी सर्विसेज़ को तेज़, ट्रांसपेरेंट और नागरिक-केंद्रित बनाना है। AI के नैतिक और सुरक्षित इस्तेमाल, डेटा सिक्योरिटी और AI से जुड़े साइबर क्राइम को कंट्रोल करने के लिए भी साफ़ गाइडलाइंस बनाई गई हैं। राज्य में AI सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस बनाना भी इस पॉलिसी का हिस्सा है।

राजस्थान में 7,200 iStarts रजिस्टर हुए
iStart राजस्थान के तहत अब तक 7,200 से ज़्यादा स्टार्टअप रजिस्टर हो चुके हैं, जिनसे ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा का इन्वेस्टमेंट आया है और 42,500 से ज़्यादा नौकरियाँ मिली हैं। सरकार इन कोशिशों को दिखाने और नए इन्वेस्टमेंट लाने के लिए डिजिफेस्ट TIE ग्लोबल समिट 2026 को एक खास प्लेटफॉर्म के तौर पर देख रही है।