राजस्थान में मकर संक्रांति पर उत्सव के बीच हादसों की चिंता, 140 से ज्यादा घायल, 2 की मौत
राजस्थान में 14–15 जनवरी को मकर संक्रांति का उत्सव बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया, लेकिन इस दौरान हुई दुर्घटनाओं और अप्रत्याशित घटनाओं ने खुशी में खलल डाल दिया। राज्य के विभिन्न हिस्सों से रिपोर्ट मिली कि पतंगबाजी, आतिशबाजी और अन्य गतिविधियों के दौरान 140 से ज्यादा लोग घायल हुए, जबकि दो लोगों की मौत हो गई।
जयपुर में त्योहार के दौरान जमकर आतिशबाजी की गई। शहर के कई हिस्सों में रात के समय पटाखों और आतिशबाजी से आसमान रोशन रहा। हालांकि, आतिशबाजी के दौरान कुछ लोग घायल भी हुए। स्थानीय अस्पतालों में पटाखों से झुलसे कई मरीजों को भर्ती किया गया और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दी गई।
जालावाड़ जिले में एक अनोखी घटना घटी, जहां मकर संक्रांति के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने लोगों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के डंक से कई लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें आई। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को काबू में करने के लिए तत्काल कदम उठाए और प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।
टोंक जिले में त्योहार के जश्न का आनंद लेते हुए हजारों लोगों ने फुटबॉल खेली। यह आयोजन उत्सव की खुशी और सामुदायिक मेल-जोल को बढ़ावा देने वाला रहा। हालांकि खेल के दौरान मामूली चोटें होने की भी सूचना मिली, लेकिन कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ।
राजस्थान के स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभाग ने आमजन से अपील की है कि त्योहार के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। पटाखों और आतिशबाजी के इस्तेमाल में सावधानी बरतें, बच्चों पर निगरानी रखें और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहें।
इस साल मकर संक्रांति के जश्न ने एक बार फिर यह साबित किया कि त्योहार की खुशियों के साथ-साथ सुरक्षा उपायों की भी उतनी ही आवश्यकता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और सुरक्षा प्रबंधों को और सख्त किया जाएगा।
