राजस्थान शिक्षा विभाग में 1.08 लाख से ज्यादा पद खाली, फिर भी पदोन्नति के इंतजार में शिक्षक
राजस्थान के स्कूल शिक्षा विभाग में कर्मचारियों और शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं। विभाग में कुल 1 लाख 8 हजार 955 पद रिक्त हैं, इसके बावजूद पात्र शिक्षक पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। वरिष्ठ अध्यापक से लेकर प्राचार्य तक के विभिन्न संवर्गों में विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की बैठकें नहीं होने से पदोन्नति की प्रक्रिया अटकी हुई है। इसका असर उन शिक्षकों पर पड़ रहा है, जो निर्धारित योग्यता और सेवा अवधि पूरी करने के बाद अगली पदोन्नति के पात्र हो चुके हैं।
वरिष्ठ अध्यापक से प्राचार्य तक पदोन्नति का इंतजार
शिक्षा विभाग में अलग-अलग संवर्गों में पदोन्नति के लिए डीपीसी की बैठकें महत्वपूर्ण होती हैं। इन्हीं बैठकों के माध्यम से पात्र कर्मचारियों और शिक्षकों के नामों पर विचार कर पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। लेकिन लंबे समय से बैठकें नहीं होने के कारण कई संवर्गों में पदोन्नति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता और प्राचार्य सहित विभिन्न पदों पर पदोन्नति की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षक इंतजार कर रहे हैं। पात्रता पूरी होने के बावजूद पदोन्नति नहीं मिलने से शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
एक लाख से ज्यादा पद खाली होने के बावजूद प्रक्रिया अटकी
विभाग में 1,08,955 पद रिक्त होने का आंकड़ा शिक्षा व्यवस्था में कर्मचारियों की उपलब्धता से जुड़े सवाल भी खड़े करता है। एक तरफ स्कूलों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, वहीं दूसरी तरफ विभाग के मौजूदा पात्र शिक्षक पदोन्नति के लिए इंतजार कर रहे हैं।
पदोन्नति प्रक्रिया समय पर पूरी होने से न केवल शिक्षकों को सेवा में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, बल्कि विभाग में विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियों का वितरण भी व्यवस्थित हो सकता है। डीपीसी की बैठकें नहीं होने से यह पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
शिक्षकों को फैसले का इंतजार
पदोन्नति प्रक्रिया में देरी के चलते पात्र शिक्षकों की उम्मीदें विभागीय निर्णय पर टिकी हैं। शिक्षकों के लिए डीपीसी की बैठकें आयोजित होना जरूरी है, ताकि लंबित मामलों पर विचार किया जा सके और पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़े।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में डीपीसी बैठकों के लंबित रहने की अवधि, प्रभावित शिक्षकों की कुल संख्या और विभाग की ओर से देरी के कारणों का विवरण नहीं है। इसलिए इन बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
