उदयपुर के डंपिंग यार्ड में आग बुझाने के लिए 7 दिन में खर्च हुआ 10 लाख लीटर से ज्यादा पानी, जलस्रोतों पर भी बढ़ा दबाव
शहर में बारिश की कमी के कारण जलस्रोतों में पानी की आवक प्रभावित हुई है। ऐसे समय में नगर निगम के बलीचा स्थित डंपिंग यार्ड में लगी आग बुझाने के लिए पिछले सात दिनों में 10.22 लाख से 10.78 लाख लीटर तक पानी का छिड़काव किया जा चुका है। आग पर काबू पाने के लिए रोजाना करीब 1.46 लाख से 1.54 लाख लीटर पानी खर्च हो रहा है। इससे पानी की कमी के बीच डंपिंग यार्ड की आग बुझाने के लिए किए जा रहे इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सात दिन से लगातार पानी का छिड़काव
बलीचा स्थित नगर निगम के डंपिंग यार्ड में लगी आग को बुझाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आग पर नियंत्रण पाने के लिए दमकल और अन्य संसाधनों की मदद से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले सात दिनों में कुल 10.22 लाख से 10.78 लाख लीटर पानी का इस्तेमाल किया गया है।
रोजाना औसतन डेढ़ लाख लीटर के आसपास पानी आग बुझाने में खर्च हो रहा है। लगातार पानी डालने के बावजूद आग बुझाने के लिए अभियान जारी रखना पड़ रहा है।
बारिश की कमी से जलस्रोतों पर असर
शहर में इस बार बारिश की कमी के चलते जलस्रोतों में पानी की आवक प्रभावित हुई है। ऐसे में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी का प्रबंधन महत्वपूर्ण हो गया है। दूसरी ओर, डंपिंग यार्ड में लगी आग को नियंत्रित करने के लिए बड़ी मात्रा में पानी की जरूरत पड़ रही है।
यह स्थिति नगर निगम के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर रही है। एक तरफ शहर में पानी की उपलब्धता बनाए रखना जरूरी है, वहीं दूसरी तरफ डंपिंग यार्ड में आग को फैलने से रोकने के लिए लगातार पानी का छिड़काव करना पड़ रहा है।
आग बुझाने के प्रयास जारी
डंपिंग यार्ड में कचरे के ढेर में लगी आग को बुझाना चुनौतीपूर्ण होता है। कचरे के अंदर तक आग पहुंचने के कारण कई बार ऊपर से पानी डालने के बाद भी अंदर सुलगती आग दोबारा धुआं और लपटें पैदा कर सकती है। इसलिए प्रभावित हिस्सों पर लगातार निगरानी और पानी का छिड़काव जरूरी होता है।
बलीचा डंपिंग यार्ड में आग बुझाने के लिए पिछले एक सप्ताह से जारी प्रयासों के बीच पानी की खपत का आंकड़ा सामने आया है। हालांकि, आग पूरी तरह कब तक बुझाई जा सकेगी और इसके बाद दोबारा आग लगने से रोकने के लिए क्या व्यवस्था होगी, इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
