राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी, 10 जिलों में बारिश के आसार; अब तक सामान्य से 21% कम बरसात
राजस्थान में मानसून की चाल फिलहाल धीमी बनी हुई है। प्रदेश में मानसून ब्रेक की स्थिति जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को राज्य के 10 जिलों में बारिश होने की संभावना है, लेकिन कहीं भी तेज बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
मानसून की धीमी गति के कारण प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से करीब 21 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।
10 जिलों में हल्की बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल भारी बारिश या तेज बारिश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता कमजोर होने के कारण बारिश का सिलसिला धीमा पड़ा है। आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव के साथ कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
कम बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता
राजस्थान में खेती काफी हद तक मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। ऐसे में सामान्य से कम बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खरीफ फसलों की बुवाई और शुरुआती विकास के लिए पर्याप्त बारिश जरूरी होती है।
कई इलाकों में किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश से फसलों को राहत भी मिली है।
मानसून के फिर सक्रिय होने की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में यदि मानसूनी सिस्टम मजबूत होता है तो प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
राजस्थान में मानसून के दौरान कई बार बारिश में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। फिलहाल लोगों को तेज बारिश के लिए कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी
बारिश की कमी के कारण कई इलाकों में उमस और गर्मी का असर बना हुआ है। दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने लोगों को अपडेट रहने और स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून फिर से सक्रिय होकर प्रदेश में बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा करेगा।
