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राजस्थान में मानसून फिर हुआ एक्टिव: 22 जिलों में बारिश का अलर्ट, वीडियो में जाने टोंक में सबसे ज्यादा बरसे बादल; 2 अगस्त तक तेज बारिश की संभावना

राजस्थान में मानसून फिर हुआ एक्टिव: 22 जिलों में बारिश का अलर्ट, वीडियो में जाने टोंक में सबसे ज्यादा बरसे बादल; 2 अगस्त तक तेज बारिश की संभावना
 
राजस्थान में मानसून फिर हुआ एक्टिव: 22 जिलों में बारिश का अलर्ट, वीडियो में जाने टोंक में सबसे ज्यादा बरसे बादल; 2 अगस्त तक तेज बारिश की संभावना

राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत मौसम तंत्र के असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को 22 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 30 और 31 जुलाई को उदयपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मंगलवार को राजधानी जयपुर सहित झालावाड़, भरतपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर 1 से 4 इंच तक वर्षा हुई, जबकि टोंक जिले में सबसे अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

उत्तरी राजस्थान में दिन में गर्मी, शाम को बदला मौसम

एक ओर जहां पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर जारी रहा, वहीं उत्तरी राजस्थान के कई हिस्सों में दिन के समय तेज धूप और उमस के कारण गर्मी बढ़ गई। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। हालांकि शाम होते-होते मौसम ने करवट ली और यहां भी बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।

2 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र के अनुसार, प्रदेश में 2 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है।विशेष रूप से उदयपुर और कोटा संभाग के जिलों में अगले दो दिनों के दौरान भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन वर्तमान में पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट के आसपास सक्रिय है। इसके साथ मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति में इसी सिस्टम तक फैली हुई है।उन्होंने बताया कि इसी मौसमीय प्रणाली के कारण राजस्थान में मानसून दोबारा सक्रिय चरण में पहुंच गया है और अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना बनी रहेगी।

किसानों और जलाशयों के लिए राहत

लगातार हो रही बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई और फसल वृद्धि को लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही बांधों, तालाबों और अन्य जलाशयों में भी जलस्तर बढ़ने की संभावना है, जिससे पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।हालांकि, जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने और नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका भी बनी हुई है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। प्रशासन भी संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, वहीं भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को भी राहत मिली है। अब सभी की नजर अगले कुछ दिनों के मौसम पर टिकी है, क्योंकि मौसम विभाग ने राज्य में बारिश का मजबूत दौर जारी रहने के संकेत दिए हैं।