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मोहन भागवत ने डीडवाना के छोटी खाटू में जैन मर्यादा महोत्सव में लिया हिस्सा

मोहन भागवत ने डीडवाना के छोटी खाटू में जैन मर्यादा महोत्सव में लिया हिस्सा
 
मोहन भागवत ने डीडवाना के छोटी खाटू में जैन मर्यादा महोत्सव में लिया हिस्सा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत गुरुवार को राजस्थान के डीडवाना जिले के छोटी खाटू में पहुंचे। उन्होंने यहां जैन श्वेतांबर तेरापंथ के 162वें मर्यादा महोत्सव में शिरकत की और कार्यक्रम को अपने सान्निध्य से गौरवान्वित किया।

इस अवसर पर मोहन भागवत ने आचार्य महाश्रमण का आशीर्वाद लिया और जैन समाज के साथ-साथ संघ के कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में सामाजिक एकता, धर्म और संस्कृति के महत्व पर जोर दिया और कहा कि समाज में नैतिक मूल्य और अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है।

जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज के 162वें मर्यादा महोत्सव का आयोजन बड़ी धूमधाम से किया गया। समारोह में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन, साधना और प्रवचन आयोजित किए गए। मोहन भागवत ने इस अवसर पर जैन समाज के नेतृत्व और अनुयायियों को उनके समर्पण और अनुशासन के लिए प्रशंसा पत्र भी दिया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना केवल व्यक्ति की आस्था तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह समाज के विकास और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम भी है। उन्होंने जैन समाज और संघ के सदस्यों को सकारात्मक योगदान और सेवा कार्यों के लिए प्रेरित किया।

समारोह में उपस्थित लोगों ने मोहन भागवत के आगमन को विशेष आशीर्वाद और प्रेरणा के रूप में देखा। जैन समाज के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि सरसंघचालक का यह दौरा समाज में सांस्कृतिक और धार्मिक सौहार्द्र को बढ़ावा देने वाला कदम है।

आरएसएस कार्यकर्ताओं ने भी इस मौके पर भागवत के मार्गदर्शन और प्रेरणा से प्रभावित होकर समाज सेवा और संगठनात्मक कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि यह अवसर संघ और समाज के बीच समान उद्देश्य और सहयोग को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मोहन भागवत का यह दौरा धार्मिक सहिष्णुता, सांस्कृतिक एकता और सामाजिक अनुशासन के संदेश को आम जनता तक पहुँचाने में मदद करेगा। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजनों से समाज में सकारात्मक और नैतिक मूल्य स्थापित करने की दिशा में योगदान मिलता है।

इस तरह, डीडवाना के छोटी खाटू में आयोजित 162वें जैन मर्यादा महोत्सव में मोहन भागवत की उपस्थिति ने न केवल जैन समुदाय को गौरवान्वित किया, बल्कि संघ और समाज के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संवाद को भी मजबूती दी।

कार्यक्रम के अंत में सरसंघचालक ने सभी श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं को शांति, अनुशासन और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। यह अवसर जैन समाज और आरएसएस दोनों के लिए एक प्रेरणादायक और ऐतिहासिक दिन के रूप में याद किया जाएगा।