जयपुर सेंट्रल जेल में तलाशी के दौरान 4 बंदियों से मोबाइल बरामद, वीडियो में जाने पुलिस ने दर्ज किया केस
जयपुर सेंट्रल जेल में चलाए जा रहे तलाशी अभियान के दौरान चार विचाराधीन बंदियों के पास से मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जेल प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बाद लालकोठी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित मोबाइल फोन जेल परिसर के अंदर कैसे पहुंचे और इनका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था।
सब इंस्पेक्टर श्याम सुंदर ने बताया कि जेल प्रहरी अनिल कुमार की शिकायत पर मोबाइल फोन बरामद होने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बरामद मोबाइल को जांच में शामिल कर लिया है और बंदियों से पूछताछ के साथ अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।जानकारी के अनुसार, 22 अगस्त को दोपहर करीब 12 बजे से 1 बजे तक जयपुर सेंट्रल जेल में तलाशी अभियान चलाया गया था। इसी दौरान जेल के वार्ड नंबर 7 और वार्ड नंबर 4 की अलग-अलग बैरकों में तलाशी ली गई। जांच के दौरान चार विचाराधीन बंदियों के पास से चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।
तलाशी के दौरान वार्ड नंबर 7 और वार्ड नंबर 4 की बैरक नंबर 1 में बंद एक विचाराधीन बंदी के पास से गुलाबी रंग का ए-26 मॉडल मोबाइल फोन मिला। इसके बाद बैरक नंबर 3 की तलाशी ली गई, जहां से सिल्वर रंग का ए-27 मॉडल मोबाइल फोन बरामद किया गया। इसी बैरक से गोल्डन रंग का ए-27 मॉडल मोबाइल फोन भी मिला।इसके अलावा वार्ड नंबर 7 की बैरक नंबर 5 में तलाशी के दौरान सिल्वर रंग का एक और ए-27 मॉडल मोबाइल फोन बरामद किया गया। इस तरह तलाशी अभियान में कुल चार मोबाइल फोन जेल प्रशासन के हाथ लगे।
जेल में मोबाइल फोन मिलना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर मामला माना जा रहा है। जेल परिसर में मोबाइल फोन और अन्य संचार उपकरणों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहता है। इसके बावजूद विचाराधीन बंदियों के पास मोबाइल मिलने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इन फोन को जेल के अंदर कैसे पहुंचाया गया।पुलिस अब मोबाइल फोन के स्रोत का पता लगाने के साथ यह भी जांच कर रही है कि इनका इस्तेमाल किन लोगों से संपर्क करने के लिए किया गया। पुलिस मोबाइल फोन की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल सहित अन्य जानकारियों के आधार पर मामले की पड़ताल कर सकती है। इसके साथ ही जेल में मोबाइल पहुंचाने में किसी बाहरी व्यक्ति या जेल से जुड़े कर्मचारी की भूमिका रही है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
लालकोठी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं जेल प्रशासन की ओर से भी तलाशी अभियान को जारी रखने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।चार मोबाइल फोन बरामद होने के बाद जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि ये मोबाइल फोन जेल के अंदर किस माध्यम से पहुंचे और इनके जरिए बंदियों ने किन लोगों से संपर्क किया।
