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जयपुर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शुरू हुई मोबाइल एंटी-पॉल्यूशन वैन, वीडियो में जाने जानिए कैसे करती है काम

जयपुर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शुरू हुई मोबाइल एंटी-पॉल्यूशन वैन, वीडियो में जाने जानिए कैसे करती है काम
 
जयपुर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शुरू हुई मोबाइल एंटी-पॉल्यूशन वैन, वीडियो में जाने जानिए कैसे करती है काम

राजधानी जयपुर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने अत्याधुनिक मोबाइल एंटी-पॉल्यूशन वैन की शुरुआत की है। यह वैन शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के सूक्ष्म कणों को कम करने का काम करेगी।नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह वैन आईआईटी खड़गपुर द्वारा विकसित आधुनिक तकनीक पर आधारित है। इसे विशेष रूप से उन क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, जहां वायु प्रदूषण का स्तर अधिक दर्ज किया जाएगा।

कैसे काम करती है यह वैन?

इस मोबाइल वैन में विशेष प्रकार के हाई-प्रेशर स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। वैन के टैंक में आरओ (RO) का शुद्ध पानी भरा जाता है, जिसे स्प्रिंकलर के माध्यम से बेहद महीन फुहार (मिस्ट) के रूप में हवा में छोड़ा जाता है।जब यह सूक्ष्म जलकण वातावरण में फैलते हैं, तो हवा में मौजूद धूल, धुएं और अन्य प्रदूषक कण इनसे चिपककर नीचे जमीन पर बैठ जाते हैं। इससे हवा में प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिलती है और वातावरण अपेक्षाकृत स्वच्छ होता है।

प्रदूषण वाले इलाकों पर रहेगा फोकस

नगर निगम का कहना है कि इस वैन को शहर के उन इलाकों में भेजा जाएगा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अधिक खराब होगा। जरूरत के अनुसार यह अलग-अलग स्थानों पर संचालित की जाएगी ताकि प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत मिल सके।

हवा की गुणवत्ता सुधारने में मिलेगी मदद

अधिकारियों के मुताबिक, इस तकनीक से हवा में मौजूद प्रदूषक कणों की मात्रा कम करने में सहायता मिलेगी, जिससे वायु गुणवत्ता (Air Quality) में सुधार होगा। इसके साथ ही स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और लोगों को बेहतर हवा उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक प्रदूषण नियंत्रण के लिए धूल, वाहनों के उत्सर्जन और औद्योगिक प्रदूषण के स्रोतों पर भी प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।