नागौर में स्कूलों के लिए कोष में गड़बड़ी, वीडियो में जाने शिक्षा मंत्री ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सस्पेंड किया
राजस्थान विधानसभा में आज शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने नागौर जिले के डेगाना विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस राज के दौरान विधायक कोष से स्कूलों के लिए दरी पट्टी खरीद में हुई कथित गड़बड़ी की जांच कराने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जांच शुरू होने से पहले तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है। शिक्षा मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की गड़बड़ी का कोई भी मामला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आज के प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक सवाल लगाने के लिए उपस्थित नहीं हुए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि सदन में सवाल करने के बाद गैरहाजिर रहना अनुचित और गलत है। देवनानी ने यह भी याद दिलाया कि पिछले दिन भी तीन-चार विधायक गैरहाजिर थे, जिससे कार्यवाही प्रभावित हुई।
सदन में आज शिक्षा को लेकर भी बहस देखने को मिली। पहले आधुनिक और डिजिटल लाइब्रेरी के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा के बीच नोकझोंक हुई। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं और शिक्षा सुधार के तरीकों पर चर्चा की।
सदन में आज डिस्टर्ब एरिया बिल को पास कराने का प्रस्ताव भी रखा गया। यह बिल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, लेकिन कांग्रेस ने इसके प्रावधानों को खतरनाक बताते हुए विरोध किया। कांग्रेस के अनुसार, बिल के कुछ प्रावधान नागरिकों की स्वतंत्रता और अधिकारों पर असर डाल सकते हैं। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बिल सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डेगाना विधानसभा क्षेत्र में कोष की गड़बड़ी की जांच से शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगेगी। यह कदम शिक्षा मंत्री की जवाबदेही और सरकारी स्कूलों में संसाधनों के सही इस्तेमाल की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
सदन में चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि स्कूलों और शिक्षा संस्थानों के लिए संसाधनों का सही उपयोग सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस ने सदन में आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के दौरान कोष का दुरुपयोग किया गया और अब इसका जिम्मा तत्कालीन अधिकारियों पर डालकर मामले को भटकाया जा रहा है। वहीं, भाजपा और अन्य सदस्य इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि जांच पूरी निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।
सदन में आज की कार्यवाही में शिक्षा और सुरक्षा दोनों मुद्दों पर बहस देखने को मिली। डेगाना कोष मामले की जांच और डिस्टर्ब एरिया बिल के पास होने के बाद राजस्थान विधानसभा में शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में नए कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
इससे पहले सदन में सवाल-जवाब और बहस के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विशेषज्ञों के अनुसार, डेगाना मामले की जांच और बिल के पारित होने के बाद राज्य में शिक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
