पीबीएम अस्पताल को लेकर मंत्री खींवसर का बयान, कार्यप्रणाली का किया बचाव, मरीजों की संख्या का दिया हवाला
राजस्थान के बीकानेर स्थित पीबीएम अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राज्य सरकार के मंत्री ने अस्पताल का बचाव किया है। मंत्री ने कहा कि इस अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं और इनमें से अधिकतर मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर अपने घर लौट जाते हैं।
मंत्री खींवसर ने अस्पताल की व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी बड़े अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण परिणामों को अलग तरीके से समझना चाहिए। उन्होंने कहा, “1000 मरीज आते हैं, उनमें से 2 की डेथ हो जाती है, बाकी जो ठीक होकर जाते हैं…” इस बयान के जरिए उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली को सही ठहराने की कोशिश की।
उन्होंने आगे कहा कि पीबीएम अस्पताल प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में से एक है, जहां दूर-दराज से मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में यहां हर दिन गंभीर और सामान्य दोनों तरह के मामलों का दबाव रहता है। मंत्री के अनुसार, अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीजों को बेहतर उपचार देकर ठीक किया जाता है, जो इसकी कार्यक्षमता को दर्शाता है।
हालांकि, इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कुछ लोग इसे अस्पताल की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक पक्ष बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे संवेदनशील मुद्दे पर दिया गया कड़ा बयान मान रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पहले भी पीबीएम अस्पताल समय-समय पर सुर्खियों में रहा है, जहां भीड़ और संसाधनों की कमी जैसे मुद्दे उठते रहे हैं।
मंत्री के इस बयान के बाद विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष अक्सर राज्य के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है। ऐसे में यह बयान राजनीतिक बहस का मुद्दा बन सकता है।
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में भारी भीड़ के कारण कई बार इलाज में देरी की स्थिति भी बनती है, हालांकि डॉक्टर और स्टाफ लगातार बेहतर सेवा देने का प्रयास करते हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए व्यवस्था को और मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।
फिलहाल मंत्री के इस बयान के बाद पीबीएम अस्पताल एक बार फिर चर्चा में आ गया है और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बहस तेज हो गई है।
