Aapka Rajasthan

राजस्थान में भूकंप के हल्के झटके, वीडियो में देंखे सीकर में महसूस हुआ सबसे ज्यादा प्रभाव

राजस्थान में भूकंप के हल्के झटके, वीडियो में देंखे सीकर में महसूस हुआ सबसे ज्यादा प्रभाव
 
राजस्थान में भूकंप के हल्के झटके, वीडियो में देंखे सीकर में महसूस हुआ सबसे ज्यादा प्रभाव

राजस्थान में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 3.5 रिक्टर स्केल पर दर्ज की गई। इसका सबसे अधिक असर सीकर जिले में देखा गया।

भूकंप का केंद्र जयपुर से 69 किलोमीटर दूर, नॉर्थ वेस्ट साइड में, धरती की सतह से लगभग 5 किलोमीटर नीचे था। सुबह लगभग साढ़े 6 बजे आए झटके के कारण कुछ सेकंड के लिए लोगों ने हल्का धरती का कंपन महसूस किया। भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण जान-माल की कोई हानि नहीं हुई।

सीकर जिले के खाटूश्यामजी, पलसाना, धींगपुर और आसपास के इलाकों में भूकंप के झटके सबसे ज्यादा महसूस किए गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि झटके केवल एक-दो सेकंड के लिए महसूस हुए, लेकिन इसने सुबह के समय इलाके में हल्की सनसनी पैदा कर दी।

भूकंप के झटकों के बाद प्रशासन ने फिलहाल कोई आपातकालीन स्थिति घोषित नहीं की है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और सरकारी निर्देशों का पालन करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में यह हल्का भूकंप सामान्य रूप से भूकंपीय क्षेत्र के चलते आता है। पिछले कुछ सालों में इस तरह के हल्के झटके कई बार महसूस किए गए हैं, जिनमें गंभीर नुकसान की संभावना कम रहती है।

सिस्मोलॉजिस्ट्स ने कहा कि भूकंप का केंद्र सतह के करीब होने के कारण झटके महसूस हुए, लेकिन तीव्रता कम होने से कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे भूकंप के समय शांति बनाए रखें, खिड़कियों और भारी सामान के पास न खड़े हों और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि भूकंप के बाद क्षेत्रीय निगरानी जारी है। कोई भी रिपोर्टेड नुकसान या बाद के झटकों की स्थिति पर ध्यान रखा जा रहा है।

हालांकि इस घटना ने सुबह-सुबह लोगों में हल्की उत्सुकता और डर पैदा कर दिया, लेकिन विशेषज्ञ इसे सामान्य और अलार्मिंग न मानते हुए सलाह दे रहे हैं कि लोग अत्यधिक चिंता से बचें।

संक्षेप में, राजस्थान में आज सुबह आए भूकंप के झटके हल्के और क्षणिक रहे। सबसे ज्यादा प्रभाव सीकर जिले में देखा गया, लेकिन कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। प्रशासन और वैज्ञानिक स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं, और नागरिकों से संयम बनाए रखने की अपील की गई है।