राजस्थान में मनरेगा संविदा कर्मचारियों का आंदोलन टला, वीडियो में जाने किरोड़ी लाल मीणा के आश्वासन के बाद 15 दिन का सामूहिक बहिष्कार स्थगित
राजस्थान में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के संविदा कर्मचारियों का प्रस्तावित 15 दिवसीय सामूहिक कार्य बहिष्कार फिलहाल टल गया है। नियमितीकरण की मांग को लेकर कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
बैठक के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से सेवा नियमों को जल्द अंतिम रूप देकर नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी सेवा का लाभ मिलना चाहिए।
किरोड़ी लाल मीणा ने दिया भरोसा
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि सेवा नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमितीकरण का रास्ता जल्द साफ किया जाएगा। मंत्री के इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने तत्काल आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया।
15 दिन का सामूहिक बहिष्कार फिलहाल स्थगित
प्रदेशभर के मनरेगा संविदा कर्मचारियों ने सरकार के सकारात्मक रुख को देखते हुए प्रस्तावित 15 दिन के सामूहिक कार्य बहिष्कार को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की है। इससे मनरेगा से जुड़े कार्यों के प्रभावित होने की आशंका भी फिलहाल टल गई है।
नियमितीकरण की मांग लंबे समय से जारी
मनरेगा संविदा कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और स्पष्ट सेवा नियम लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्षों से योजना में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
अब कर्मचारियों की नजर सरकार की ओर से सेवा नियमों को अंतिम रूप देने और नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने पर टिकी है। यदि तय समय में मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो कर्मचारी भविष्य में फिर आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
