मेवाड़ यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री रैकेट में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी गाजियाबाद से गिरफ्तार
Special Operations Group Rajasthan (SOG) ने फर्जी डिग्री रैकेट मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को Ghaziabad से पकड़ा गया, जहां वह पिछले कई महीनों से छिपा हुआ था।यह मामला कथित तौर पर Mewar University से जुड़ी फर्जी डिग्री गतिविधियों से संबंधित बताया जा रहा है, जिसकी जांच लंबे समय से चल रही थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी पिछले करीब छह महीने से लगातार अपना मोबाइल बंद कर फरार चल रहा था और पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा।
SOG टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और गाजियाबाद में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूरे नेटवर्क, लेन-देन, फर्जी डिग्री तैयार करने की प्रक्रिया और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में गहन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस रैकेट के जरिए कितने लोगों को फर्जी डिग्री दी गई और इसका दायरा कितना बड़ा था।
Special Operations Group Rajasthan का कहना है कि यह कार्रवाई शिक्षा क्षेत्र में हो रहे फर्जीवाड़े के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और डिग्री सत्यापन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे रैकेट छात्रों के भविष्य और संस्थानों की साख दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी की पूछताछ से इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं।
