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राजस्थान में मौसम ने दिखाए गर्मी के तेवर, पारा हो गया 30 डिग्री पार

राजस्थान में मौसम ने दिखाए गर्मी के तेवर, पारा हो गया 30 डिग्री पार
 
राजस्थान में मौसम ने दिखाए गर्मी के तेवर, पारा हो गया 30 डिग्री पार

राजस्थान में मौसम में बदलाव के साथ ही दिन का तापमान बढ़ने लगा है। राज्य में होली से पहले ही गर्मी ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब सुबह और रात की ठंड लगभग खत्म होती नजर आ रही है, और दिन के तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है।

पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। बाड़मेर जिले में अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस बात का संकेत है कि राज्य में गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह असामान्य गर्मी का कारण सामान्य मौसमी बदलाव और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता हो सकती है।

राजस्थान के लोग इस समय से ही गर्मी की तैयारी में जुट गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के अंत तक दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहेगा और यदि पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी हवाएं चलती हैं तो तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। खासकर बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर जिले इस समय गर्म हवाओं के प्रभाव में हैं।

मौसम विभाग ने भी राज्यवासियों को गर्मी से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों को दिन के समय धूप में कम से कम निकलने, हल्के कपड़े पहनने और पानी की पर्याप्त मात्रा पीने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी में डिहाइड्रेशन और गर्मी से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।

वहीं, किसानों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। मार्च-अप्रैल के दौरान तापमान बढ़ने से फसलों पर भी असर पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि इस समय मिट्टी की नमी और सिंचाई का खास ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि फसलें गर्मी के असर से बची रहें।

राजस्थान के मौसम में यह बदलाव लोगों के जीवनशैली पर भी असर डाल रहा है। सुबह और शाम की ठंड अब कम हो गई है, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी का अहसास हो रहा है। शहरों में जलपान और ताज़ा पेय पदार्थों की बिक्री बढ़ गई है। इसके अलावा, जल स्रोतों और तालाबों में पानी के स्तर पर भी निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च में हो रही यह असामान्य गर्मी मार्च-अप्रैल के दौरान आने वाली गर्मियों के संकेत के तौर पर देखी जा सकती है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो अप्रैल-मई में राज्य में गर्मी के चरम स्तर को पार कर सकता है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि वे गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं और घर के अंदर और छायादार जगहों पर समय बिताएं।

इस प्रकार राजस्थान में मौसम ने समय से पहले गर्मी का आगमन कर दिया है, और आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। राज्यवासियों को इस असामान्य गर्मी के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।